क्रिसमस डे : क्रिसमस पर कविता

क्रिसमस पर कविता (Poem on Christmas Day in Hindi): क्रिसमस का दिन ईसाइयों के लिए पावन दिन होता है. इस दिन ईसाई धर्म के लोग बड़े ही उत्साह और प्रेम से ईसा मसीह का जन्म दिवस के रूप में मनाते हैं. ईसाइयों के लिए क्रिसमस का महत्व बहुत ज्यादा तो है ही साथ ही इस पर्व को अन्य धर्म के लोग भी बड़े खुसी से मनाते हैं. क्रिसमस का त्यौहार बच्चे और बड़े सभी को पसंद आता है क्यूंकि इस दिन पुरे विश्व में क्रिसमस डे यानि 25 december को अवकाश घोषित किया जाता है. इस दिन सभी लोग गिरजाघर जाकर भगवन यीशु के सामने प्रार्थना करते हैं.

प्रभु यीशु के जन्मदिन के मौके पर हर साल 25 दिसम्बर को भारत समेत पूरी दुनिया में क्रिसमस का पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है. यह पर्व 25 से 31 दिसम्बर तक मनाया जाता है, जो 24 दिसम्बर की मध्यरात्रि से ही आरम्भ हो जाता है. क्रिसमस के 12 दिन के फेस्टिवल को क्रिसमस टाइड के नाम से जाना जाता है. इन दिनों सभी एक दुसरे को तोफे, फुल, कार्ड्स आदि देते हैं.

आज हम आपके लिए क्रिसमस के मौके पर क्रिसमस पर कविता (Poem on Christmas Day in Hindi) प्रस्तुत करने वाले हैं जिसका उपयोग आप अपने करीबी लोगों के साथ शेयर कर उन्हें क्रिसमस डे की बधाई दे सकते हैं. लेकिन क्रिसमस पर कविता शुरू करने से पहले मै आपको क्रिसमस से जुडी कुछ बातें बताने वाली हूँ तो पहले उन बातों को धैर्य पूर्वक जरुर पढ़ें.

क्रिसमस का इतिहास (Christmas Day History)

यूँ तो हम हर साल ही क्रिसमस डे 25 दिसम्बर को मनाते हैं, लेकिन कभी आपने सोचा है की क्यूँ मनाते हैं? हर त्यौहार की तरह क्रिसमस का त्यौहार के पीछे भी एक इतिहास है. वो ये है- ईसाई समुदाय के पवित्र किताब बाइबिल में लिखा हुआ है की लगभग 2000 साल पहले विश्व में रोम का शासन हुआ करता था. उस समय के शासक निर्दोष जनता को बिना अपराध दंड देते थे तथा उन पर बहुत से अत्याचार किये जाते थे. लोगों को अत्याचारों से बचने के लिए इश्वर ने एक बच्चे को पृथ्वी पर लोगों की सहायता के लिए भेजा. प्रभु ने मैरी नाम की एक कुंवारी कन्या के पास गैब्रियल नाम के एक देवदूत को भेजा जिसने मैरी को बताया की ‘भगवान के पुत्र जीसस तुम्हारी कोख से जन्म लेने आ रहे हैं और वे बड़े होकर राजा बनेंगे और जनता पर हो रहे अत्याचारों व उनके कष्टों का निवारण करेंगे.

इसके बाद वो देवदूत जोसफ के पास भी गए और उन्हें बताया की तुम्हे मैरी नाम की स्त्री से शादी करनी है जो प्रभु के पुत्र को जन्म देने वाली है और उस स्त्री तथा उसके पुत्र की हिफाज़त करनी है. एक दिन जोसफ और मैरी बेथलेहम जा रहे थे. वहां उनके रहने के लिए कोई जगह नहीं थी इसलिए उन्होंने उस रात अस्तबल में गुजारी. उसी रात को जीसस का जन्म हुआ. इस दौरान आसमान में एक तारा चमकता हुआ दिखाई दिया जिससे लोगों को यह विश्वास हो गया की इश्वर के अवतार जीसस ने पृथ्वी पर जन्म ले लिया है.

क्यूंकि इश्वर के अवतार के जन्म के लिए एक भविष्यवाणी हुई थी की जिस समय इश्वर के अवतार का जन्म होगा उस समय आसमान में एक चमकता हुआ तारा दिखाई देगा. जीसस के जन्म से सभी लोग बहुत खुश हो गए. उनके जन्म की खुसी में ही 25 दिसम्बर को क्रिसमस का पर्व मनाया जाता है.

क्रिसमस कैसे मनाया जाता है?

क्रिसमस ईसाई धर्म में विश्वास रखने वालों का एक महत्वपूर्ण त्यौहार है जिसे पूरी दुनिया में मानवता को प्रेम करने वालों, मानवता को चाहने वालों और मानवता की उलख जगाने वालों के लिए एक बड़ा दिन माना जाता है. 24 दिसम्बर की रात से ही नवयुवकों की टोली प्रत्येक मसीही के घर में जाकर यीशु मसीहा के जन्म से संबंधित गीत गाते हैं. इसी रात को गिरजाघरों में प्रभु यीशु के जन्म संबंधित झांकियां भी सजाई जाती है. इस अवसर पर ईसाई धर्म के लोग बड़ी संख्या में गिरजाघरों में एकत्रित होकर एक दुसरे को प्रभु के जन्म की बधाई देते हैं.

अगली सुबह 25 दिसम्बर के दिन सभी नाहा धोकर नए नए वस्त्र पहन कर गिरजाघरों में जाते हैं जहाँ विशेष अराधना होती है, जिसे क्रिसमस सर्विस कहा जाता है. इस अराधना में ईसाई धर्मगुरु यीशु के जीवन से संबंधित प्रवचन कहते हैं. चर्चों में प्रेयर की जाती है, क्रिसमस सॉंग गाए जाते हैं, मोमबत्ती जलाकर सेलिब्रेशन किया जाता है. आराधना के बाद सभी लोग एक दुसरे को क्रिसमस की बधाई देते हैं.

सभी ईसाई लोग अपने घरों को साफ़ सुथरा कर फूलों और रौशनी के लड़ियों से सजाते हैं. बहुत से अच्छे अच्छे व्यंजन बनाते हैं. घर के बाहर क्रिसमस ट्री को सजाकर रखा जाता है. रंग-बिरंगी लाइट्स, चमकीले पेपर्स, ग्रीटिंग कार्ड, मोमबत्ती, चॉकलेट्स, खिलौने इत्यादि से ट्री को सजाया जाता है जिसे देख कर बच्चे आकर्षित होते हैं.

इसके साथ साथ बच्चे बड़े बेसब्री से क्रिसमस वाले रात को सांता क्लॉज (Santa Claus) का इंतज़ार करते हैं. वो मानते हैं की सांता आएगा और उन लोगों के लिए ढेर सारा तोफा लायेगा. क्या आपको पता है की ये santa claus कौन है? इसके पीछे भी एक कहानी है जिसके अनुसार santa claus का असली नाम संत निकोलस (Saint Nicolas) है. इन्हें फादर क्रिसमस और सांता के नाम से भी जाना जाता है. उनका जन्म तीसरी सदी में जीसस की मौत के 280 साल बाद मायरा में हुआ था. बचपन में ही उनके माता पिता का देहांत हो गया था. उसके बाद निकोलस को सिर्फ भगवान यीशु पर यकीं था. वह एक अमीर घर से थे. बड़े होने के बाद निकोलस ने अपना जीवन भगवान को अर्पण कर लिया. वह एक चर्च में पादरी बने फिर बाद में उसी चर्च में बिशप बन गए. उन्हें जरुरतमंद लोगों की सहायता करना और गरीब बच्चों को तोफे देना बहुत पसंद था. उनकी ख़ास बात यह थी की वह बिना किसी की नज़र में आये बच्चों में तोफे बांटा करते थे. और वो यह काम रात की अँधेरे में करते थे. 17वीं सदी के बाद संत निकोलस को सांता क्लॉस बना दिया गया.

सांता क्लॉस मानवता का और प्रेम का सन्देश देते हैं, साथ ही इनका कार्य खुशियाँ बाँटना है. पश्चिमी लोगो की ये मान्यता है की खुशियों को बांटना ही प्रभु की सच्ची सेवा है. सांता क्लॉस के द्वारा बच्चों को उपहार बांटना इसी बात का सन्देश देता है.

क्रिसमस पर कविता (Poem on Christmas Day in Hindi)

यहाँ पर मैंने क्रिसमस के मौके पर अच्छी अच्छी कवितायेँ पेश की हैं, अगर आपको अच्छा लगे तो अपने दोस्तों और सगे सम्बन्धियों को बधाई के तौर पर इन कविताओं को सोशल मीडिया साइट्स पर जरुर शेयर करें.

christmas par kavita hindi

क्रिसमस पर हिंदी कविता

ठंडी-ठंडी हवाओं में
कोई मेरी क्रिसमस गाता है
हर बार एक थैला भरकर
वो गिफ्ट लेकर आता है
माँ हमसे कहती है
वो बच्चों को प्यार है करता
हरे भरे क्रिसमस ट्री को
वो सुन्दर सजा के देता
दिसम्बर 25 को आता वो
सांता-सांता कहलाता वो.

क्रिसमस पर कविता

देखो क्रिसमस है आया,
ढेरो खुशियाँ संग लाया.
चारों तरफ है सितारों की चमक,
है संग सांता क्लॉस की दमक.
चॉकलेट कैंडी की है छाई बहार,
खिलौनों और कपड़ों से है सजे बाज़ार.
चर्च में है कैरोल गाये जा रहे,
जीसस का जन्मदिन सब है मना रहे.
इस बड़े दिन मुझको भी कुछ बतलाना है,
तुम संग प्यार को निभाना है.
खुश तुम रहो यूँ ही हमेशा,
तुमको क्रिसमस की बहुत बधाई.

मैरी क्रिसमस पर कविता

क्रिसमस आया पास में, बच्चे करे पुकार,
सांता लेकर आयेंगे, झोला भर उपहार.
झोले में उपहार है, और सर पे टोपी लाल,
गोलू-मोलू गुड्डे जैसा, सांता लगे कमाल.
टन-टन-टन-टन घंटी वाला सांता आया,
हो-हो हो-हो हो-हो करके खूब हंसाता.
सबको आता बहुत मज़ा, गाते गाना बार-बार,
खुशियाँ लेकर आता है, क्रिसमस का त्यौहार.
सांता के संग नाचे कूदे, आओ सारे करे धमाल,
क्रिसमस के अगले हफ्ते, आ जायेगा नया साल.
रहे ना कोई बच्चा रोता, रहे ना कोई बड़ा उदास,
सबका क्रिसमस merry हो, आओ ऐसा करे प्रयास.

क्रिसमस पर बाल कविता

पापा घर आयेंगे, सांता वो बन जायेंगे,
खूब खिलौने लायेंगे, हम जोर-जोर से गायेंगे,
सांता आया, सांता आया, गिफ्ट लाया, गिफ्ट लाया,
हमको चाहिए बार्बी डॉल, मम्मा के लिए प्यारी शौल,
रात को जब बजेगी बारा, गलियों में क्रिसमस का लगायेंगे नारा,
ज़ोर ज़ोर से गायेंगे, मोहल्ले को जगाएंगे.

भगवान जीसस के लिए क्रिसमस गाना

गाया फरिश्तों ने गीत सुहाना
धरती पे हुआ यीशु का आना
सबने पाया खुशियों का खजाना
मुक्ति पाए पापों से ज़माना

झूमे सारा जहाँ
गाये ये आसमां
गाती है हर जुबान
यीशु की महिमा
यीशु की महिमा

एमेनुएल खुदा हमारे साथ है
उसकी रहमत का हम पर हाथ है
मोहब्बत ये है सबसे महान
आया है बनकर खुदा इन्सान
ज़मीन पर आया छोडके आसमां
हुआ है पैदा यीशु महान
गया फरिश्तों ने गीत सुहाना…

स्वर्ग से आया है बनकर प्यार वो
जिंदगी देने वो गुनेह्गारों को
चढ़ाये क्या भेट उसको
कोई दौलत न मागे वो
करे अर्पण ये दिल उसको
वो है सबका पासवान
गया फरिश्तों ने गीत सुहाना…

क्रिसमस आनंद एवं खुशियों का त्यौहार है. यह त्यौहार सभी के मन और हृदयों को पवित्रता के भाव से ओतप्रोत करता है और नयी उर्जा के माध्यम से हमें प्रेरित करता है की अनेक कठिनाइयों का सामना करने पर भी हमें सन्मार्ग का त्याग नहीं करना चाहिए. इस तरह क्रिसमस का त्यौहार लोगों को सबके साथ मिल-जुलकर रहने का सन्देश देता है. ईसा मसीह कहते थे दिन दुखियों की सेवा संसार का सबसे बड़ा धर्म है. मुझे उम्मीद है की आपको ये लेख क्रिसमस पर कविता (Poem on Christmas Day in Hindi) पसंद आएगा.

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