प्यार क्या है और प्यार कैसे करते हैं?

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आज के इस लेख में हम प्यार के बारे में बात करेंगे, प्यार क्या होता है और प्यार क्यों होता है? “प्यार” ये ऐसा शब्द है जिसके बारे में हम सुनते ही उस इंसान को याद कर अपने ख्यालों की दुनिया में खो जाते हैं जिसे हम अपने जीवन में सबसे ज्यादा प्यार करते हैं.

प्यार, स्नेह और जूनून ये वो चीजें हैं जो एक व्यक्ति को कल्पनाशील बना देती है. प्यार हर इंसान के मन में होता है, भगवान ने इस पूरी दुनिया को ही प्यार के लिए बनाया है.

प्यार के बारे में सभी मनुष्य की राय अलग अलग होती है. ऐसा इसलिए है क्यूंकि सबके जीवन में प्यार की परिभाषा अलग अलग होती है जैसे कोई अपने वतन से प्यार करता है, कोई अपने माता पिता से प्रेम करता है, कोई अपने भाई बेहेन से तो कोई अपने प्रेमी या प्रेमिका से.

प्यार एक एहसास है जिसे शब्दों में बयाँ नहीं किया जा सकता सिर्फ महसूस किया जा सकता है और ये एहसास दुनिया के सभी लड़का-लड़की के अन्दर तभी से आना शुरू हो जाता है जब वो अपने किशोरावस्था (teenage) में कदम रखता है.

उस समय में हम कोई भी लड़का या लड़की को जब देखते हैं तो उन्हें देख कर ऐसा लगता है की ये वही शख्स है जो सिर्फ मेरे लिए ही बना है. दुनिया भर के सपने और ख्वाहिसें हमारे आँखों के सामने तैरने लगते हैं. हमारा पाँव जमीन पर नहीं टिकता और हम खुशी और जोश में रहते हैं.

आस पास के सभी बुरी चीजें भी उस वक़्त अच्छी लगने लगती है और ऐसा प्रतीत होता है जैसे की हम हवा में उड़ रहे हैं. लेकिन क्या सच में हम उस एहसास को प्यार का नाम दे सकते हैं? इसका जवाब देने के लिए ही मै प्यार किसे कहते है और प्यार कैसे करते हैं लेख प्रस्तुत कर रही हूँ.

प्यार क्या होता है (What is Love in Hindi)

Pyar Kya Hota Hai Hindi

प्यार को परिभाषित करना मुश्किल है, मापना मुश्किल है, और समझना मुश्किल है. ये एक एहसास है जो हमारे दिल में इच्छा, आकांक्षा और चाहत को पैदा करती है. प्यार में कोई शर्तें कोई अपेक्षाएं नहीं होती. क्या आप जानते है प्यार का दूसरा नाम क्या है?

प्यार एक अनोखा रिश्ता है जिसमें लोगों के दिल सदा के लिए जुड़ जाते हैं. “I Love You” एक छोटा वाक्य है लेकिन असल में ये समुन्द्र की गहराई और आसमान की ऊंचाई जितना गहरा और बड़ा होता है.

एक जाने माने व्यक्ति ने कहा है की “किसीको प्यार करना भगवान को सच्चे मन से पूजा करने के बराबर होता है”. प्यार खुशियों का घर है. प्यार का असली मतलब ही जीवन है जो इसे समझ गया समझो उसका जीवन सफल हो गया. आसान शब्द में कहूँ तो दुनिया में प्यार के बिना कोई भी जीवित नहीं रह सकता.

इंसान से लेकर जानवर तक सभी प्यार के भूखे हैं. जहाँ प्यार मिलता है वहाँ हम अपने आप ही खींचे चले जाते हैं. प्यार से हम पूरी दुनिया को हासिल कर सकते हैं. प्यार के ताकत से दोस्त तो क्या दुश्मन भी पिघल जाता है. प्रेम हमेसा सुखद ही होता है चाहे आप वो किसी को दें या फिर प्यार आपको किसी से मिले.

प्यार एक शक्तिशाली भावना है, जिसके लिए कोई गलत परिभाषा नहीं है, क्योंकि यह प्रत्येक व्यक्ति को अलग-अलग तरह से सूट करता है चाहे प्यार परिवार, दोस्तों, या प्रेमियों के बीच हो, यह एक जबरदस्त भावना है जिसे कई अलग-अलग तरीकों से अनुभव किया जा सकता है.

प्यार क्या है

प्यार वो चीज है जो जिंदगी जीने में हमारा सहारा बनती है. ये अमृत का वो घूंट है जिसे पिया जाए तो आत्मा अमर हो जाती है और अगर ना मिले तो जिंदगी नर्क बन जाती है. इंसान के पास चाहे जितना भी धन-दौलत, ऐसो-आराम क्यों ना हो लेकिन अगर उसके जीवन में प्यार नहीं तो वो कभी खुश नहीं रह पायेगा.

प्यार लोगों के सोचने और दुनिया देखना का नजरिया बदल देता है. प्यार में वो ताकत है जो लोगों के बिच की दूरियों को खत्म कर देता है. जब किसी के जीवन में प्यार दस्तक देता है तो वो इंसान पूरी तरह से बदल जाता है.

इंसान प्यार में विनम्र, कोमल, भावुक और संवेदनशील हो जाता है. प्यार बड़े से बड़े तानाशाह को पूरी तरह से बदलकर रख देता है. प्यार के आगे किसीका बस नहीं चलता. प्यार जबरदस्ती से नहीं किया जाता वो तो बस अपने आप ही हो जाता है जिसके खबर हमें बाद में होती है.

प्यार सिर्फ दिल की आवाज़ सुनता है, दिल की धडकनों को महसूस करता है. प्यार का दर्जा दुनिया में ही नहीं बल्कि भगवान के दर पे भी सबसे ऊँचा है. इसमें वो ताकत है जिससे इंसान दुनिया की बनायीं तमाम बंदिशों को तोड़ कर अपने प्यार के लिए सारी दुनिया से लड़ सकता है.

प्यार दो आत्माओं के बीच एक ऐसा संबंध है जो एक ऐसी भावना के साथ पकड़ा जाता है जो न केवल दिल के भीतर बल्कि उनके शरीर के भीतर भी महसूस की जाती है।

सच्चा प्यार क्या है (What is True Love in Hindi)

सच्चा प्यार किसे कहते हैं? सच्चा प्यार वो है जिसमे कोई शर्त नहीं होती, कोई बंदिशें नहीं होती, कोई बड़ा या छोटा नहीं होता, कोई आमिर या गरीब नहीं होता. सच्चे प्यार में सब कुछ जायज़ होता है. सच्चा प्यार धर्म, जाती, रंग, रूप, अमीरी, गरीबी से बहुत दूर होता है. सच्चा प्यार एक दुसरे को जानने समझने के बाद होता है.

दुनिया में ऐसे कई महारथियों ने प्यार में सब कुछ त्याग कर सच्चा प्यार का मिशाल कायम किया है जैसे लैला-मजनू, रोमियो-जूलिएट, हीर-राँझा, शिरीन-फरहाद ये वो कुछ नाम है जिनके प्यार की कहानी पुरे दुनिया में मशहुर है. उनके प्यार की कहानी ने सच्चे प्यार को अमर बना दिया जिसे लोगो हमेसा याद करते हैं.

सच्चे प्यार का दायरा बहुत बड़ा होता है. प्यार सिर्फ प्रेमी प्रेमिकाओं तक सिमित नहीं है. प्यार किसी भी इंसान को किसी के भी प्रति हो सकता है. सच्चा प्यार माँ और बच्चे के भीच भी होता है, भाई और बेहेन के बिच भी होता, दोस्तों के बिच भी होता है और छात्र का शिक्षक के प्रति भी होता है.

एक पत्नी अपने पति से प्यार करती है लेकिन जब बात सच्चे प्यार की होती है तो वही पत्नी माँ के रूप में सिर्फ अपने बच्चों से ही सच्चा प्यार करती है.

सच्चा प्यार का मतलब ये नहीं होता की आप अपना पूरा जीवन उसके साथ रहकर बिताओ. प्यार में जो सबसे बड़ी चीज होती है वो है इज्जत. जहाँ इज्जत, सम्मान, भरोसा और एक दुसरे के लिए कद्र होती है वही सच्चा प्यार होता है. सच्चा प्यार जीवन में केवल एक बार ही होता है.

सच्चे प्यार होने में बहुत समय लग जाता है, ये कभी भी किसी को देखते ही नहीं होता. इसमें लोग एक दुसरे के साथ दिल से, रूह से जुड़े होते हैं. सच्चा प्यार मंदिर की तरह पवित्र होता है. इसमें किसी भी तरह की हवस और वासना नहीं होती. जिसमे त्याग और समर्पण हो वही सच्चा प्यार है.

प्यार की परिभाषा क्या है

प्यार को किसी परिभाषा की जरुरत नहीं है. अगर प्यार को परिभाषित करना पड़े तो फिर वह प्यार नहीं एक सवाल बन जायेगा. प्यार तो एक खुबसूरत एहसास एक ऐसी भावना है जिसे सिर्फ महसूस किया जा सकता है. प्यार वह ज़ज्बात है जो एक दिल से जन्म लेता है और सामने वाले के दिल को छू जाता है.

प्यार की कोई भाषा नहीं होती लेकिन सभी भाषाओं में प्यार ही एक ऐसा चीज है जो लोगों को एक दुसरे के साथ जोड़े रखता है. प्यार का मतलब भावनाओं का रूहों से जुड़ना है. यह एक वरदान है जो जीवन में उमंग और उल्लास के हर रंग भर देता है.

प्यार क्या चीज है

प्यार वो चीज है जो मनुष्य के जीवन को सवार देती है. प्यार में लोगों की दुनिया बदल जाती है. जब दुसरे का सुख अपना सुख हो जाये और दुसरे का दुःख अपना दुःख हो जाये, उस भाव को प्यार कहते हैं. जहाँ हार में भी जीत हो वही सच्चा प्रेम है.

जहाँ मै और तुम न हो जहाँ केवल हम हो वही प्यार है. जिसकी नजरों में तुमसे ज्यादा और कोई खुबसूरत ना हो वही प्यार है. जो आपको आपकी कमियों के साथ स्वीकार करे वही प्यार है. जो आपको निस्वार्थ चाहे वही प्यार है.

प्यार के बिना दुनिया अधूरी है. प्यार में स्वतंत्रता होती है विश्वास होता है. प्यार किसी चीज का मोहताज नही होता और सही मायने में प्यार का मतलब लेना नहीं बल्कि देना होता है.

प्यार और मोहब्बत में क्या अंतर है

प्यार एक ऐसा शब्द है जिसको न तो जाती से मतलब है न ही किसी भेदभाव से. प्यार दुनिया का सबसे अनमोल रतन है और भगवन का दिया हुआ वरदान है. सच्चा प्यार वही है जिसमे त्याग की भावना है. प्यार जताया नहीं निभाया जाता है.

बिना कुछ सुने बिना कुछ कहे सामने वाले के दुःख और दर्द को समझने की ताकात बस प्यार में होती है. प्यार और मोहब्बत में कोई अंतर नहीं है. प्यार का दूसरा नाम मोहब्बत है.

प्यार कैसे होता है

प्यार कैसे होता है इसका जवाब देना बड़ा ही मुश्किल है, क्यूंकि जब किसीको प्यार होता है तब उसे पता ही नहीं चलता की ये कैसे हो गया. जब किसी की अच्छाईयां, खूबसरती, खूबियाँ, बातें दिल को भाने लगती है तभी प्यार हो जाता है. जब किसी की याद में हम दिन रात पागल की तरह खोएं रहते हैं तभी प्यार होता है.

यहाँ पढ़िए: प्यार कैसे करते हैं

इस बात का अंदाजा किसी को भी नहीं होता की उसे कब, कहाँ और कैसे प्यार हो जाता है. जब लोग प्यार में होते हैं तो उन्हें सारी दुनिया खुबसूरत लगने लगती है.

अजीब अजीब सी हरकतें करना शुरू कर देते हैं जैसे अकेले में बेवजह मुस्कुराना, खुद से बातें करना, उस व्यक्ति का नाम सुनते ही खुशी से झूम उठना, रात रात भर उसके बारे में सोचते रहना, प्यार भरे गाने सुनना ये सब प्यार के लक्षण है.

महात्मा बुद्ध कहते थे की “जब हम किसी को पसंद करने लगते हैं तो हम उसे पाना चाहते हैं. उद्धरण के लिए- जब हमें कोई फुल अच्छा लगता है तो हम उसे तोड़ लेते हैं.

लेकिन इसका ठीक उल्टा जब हम किसी से सच्चा प्रेम करने लगते हैं तो हम उसे पाने या ना पाने की भावना से ऊपर उठकर बस यही चाहते हैं की वो जीवन में खुस रहे, तरक्की करे.”

जैसे जब हम प्रेम करने लगते हैं तब पसंद आये फुल को तोड़ते नहीं बल्कि उसे रोज पानी डालते हैं ताकि वो और खिले और खुसबू दे.

प्यार क्यों होता है

हमारे जिंदगी में प्यार का होना बहुत ही जरुरी है. जैसे हम उर्जा के लिए भोजन खाते हैं तभी जाकर हमें काम करने की शक्ति मिलती है उसी तरह जिंदगी को आसान बनाने और सुखी बनाने के लिए किसीका प्यार पाना और किसीको प्यार देना महत्वपूर्ण है.

प्यार सिर्फ दो जिस्मों का मिलना नहीं है, ये सिर्फ एक स्वार्थ के लिए दो लोगों का मिलना नहीं है, ये सिर्फ जिस्मानी आनंद का जरिया नहीं है. प्यार का मतलब क्या है? जब प्यार आँखों से होकर दिल के रास्ते रूह में बस जाये तभी सच्चे प्यार का सच्चा आनंद होता है. ऐसा प्यार सार्थक है.

ये प्यार आपको प्रेरणा देगा और फिर आप कोई भी बड़ी मंजिल पा सकते हैं. जहाँ वासना है वहां प्यार नहीं. अगर ऐसा है फिर तो जरुरत ख़त्म, प्यार ख़त्म. प्यार कुछ मांगता नहीं सिर्फ देता है. प्यार तो हमेसा ही समृद्ध है.

प्यार बिना प्रगति प्रकृति विरुद्ध है. प्यार का कोई नाम नहीं ये बस एक एहसास है. प्यार मीरा ने किया, राधा ने किया, दोनों का प्यार आध्यात्मिक था इसलिए अमर हो गया.

सपने में प्यार करने का मतलब क्या होता है?

कभी कभी ऐसा होता है की हम जिससे प्यार करते हैं या जिसके बारे में ज्यादा सोचते हैं तो अक्सर हम उन्हें सपनो में देखने लग जाते हैं. सपने में प्यार करने का मतलब बहोत कुछ हो सकता है. प्यार में होने का सपना आम है जब हम एक नए रिश्ते में प्रवेश करते हैं और वास्तविक जीवन में फिर से प्यार में पड़ने का अनुभव करते हैं.

यदि आप अपने दिनचर्या के दौरान अपने साथी के बारे में सोचते हुए अनगिनत घंटे बिताते हैं, तो उनके विचार आपके अचेतन मन यानि unconscious mind में प्रवेश होने की संभावना होती हैं और वही आपके सपनों में आते हैं.

आमतौर पर लोग जब ऐसे सपने देखते हैं तो इसका यह मतलब होता है की आप उस व्यक्ति की ज्यादा परवाह करते हैं दिन रात उसी के बारे में सोचते हैं. यदि आप अपने जीवन में खुद को अकेला पाते हैं, तो यह सपना एक इच्छा-पूर्ति का सपना हो सकता है. कभी-कभी आपके सपने में प्यार होने की क्रिया आपके जीवन में खुशी पाने की इच्छा को व्यक्त करता है.

वास्तविक जीवन में अपने हमनवा के प्यार में शामिल होने का सपना देखना उस व्यक्ति और आपके द्वारा साझा किए गए रिश्ते के बारे में आपकी भावनाओं को दर्शाता है. इसका मतलब यह भी हो सकता है कि आपके नजदीकी लोगों के साथ आपके स्वस्थ, प्रेमपूर्ण संबंध हैं.

यह भी कह सकते हैं कि आपको अपने जीवन में विशेष रूप से किसी से अधिक प्यार और स्नेह की आवश्यकता है.

प्यार मोहब्बत का जन्म कब हुआ?

प्यार मोहब्बत का जन्म सृष्टि बनने के बाद से ही हो गया है. यह उस अनंत इश्वर की तरह है, जो सृष्टि के कण-कण में विध्यमान है. प्यार, जो हमारे सम्पूर्ण जीवन में विभिन्न रूपों से सामने आता है, यह एहसास दिलाता है की जिंदगी कितनी खुबसूरत है.

प्यार में सबसे ज्यादा क्या जरुरी है?

प्यार में सबसे ज्यादा जरुरी है विश्वास. जहाँ विश्वास होता है वहीँ प्यार पनपता है, प्यार की नींव विश्वास पर टिकी होती है. बिना विश्वास प्यार की कल्पना भी नहीं की जा सकती. विश्वास प्रेम को और सृदृढ़ करता है.

प्यार में दूसरी जरुरी चीज है वक़्त. आप सोच रहे होंगे की वक़्त कैसे? उदहारण के तौर पर सोचिये यदि आपको किसी से प्यार हो जाये और आप वक़्त पर इसका इजहार ना कर पाए तो इसका फायेदा ही क्या.

इसलिए जब भी आपके दिल में किसी के लिए कुछ कुछ होने लगे, कोई आँखों के रास्ते दिल में उतरने लगे तो सही वक़्त देख कर अपने प्यार का इजहार कर दीजिये.

प्यार में अक्सर दिल क्यों टूट जाते हैं?

प्यार में अक्सर दिल इसलिए टूट जाते हैं क्यूंकि आज कल के जमाने में कोई भी या तो सच्चा प्यार नहीं करता या फिर वो आकर्षण को ही प्यार समझ बैठता है और जब वो आकर्षण ख़त्म हो जाता है तो उन्हें लगता है की उनका दिल प्यार में टूट गया है.

प्यार में अक्सर दिल तब भी टुटता है जब उसका साथी उसे प्यार में धोखा देता है या उसका विश्वास तोड़ता है. इसका एक कारण ये भी है की जब हम अपने प्रेमी या प्रेमिका से कोई आशा या उम्मीद रखते हैं लेकिन जब वो उम्मीद पूरी नहीं होती तब भी हमारा दिल टूट जाया करता है.

लेकिन सच्चे प्यार में उम्मीद की कोई गुंजाईश नहीं रहती क्योंकि प्यार शर्तें रख कर नहीं की जाती, ऐसा नहीं है अगर मैं तुमसे सच्चा प्यार करता या करती हूँ तो इसके बदले में मुझे भी तुमसे उतना ही प्यार चाहिए. तब ये प्यार नहीं कहलायेगा ये एक सौदा बन जायेगा लेकिन प्यार में सौदा नहीं होता.

प्यार में दर्द क्यों होता है?

प्यार और दर्द में गहरा रिश्ता है. जिस दिल में दर्द ना हो, वहां प्यार का एहसास भी नहीं होता. किसी के दूर जाने पर जो खालीपन लगता है वही तो प्यार का दर्द है.

जहाँ प्यार में पड़े लोग स्वार्थी हो जाते है उस प्यार में भी दर्द होता है. प्रेम में स्वार्थ होना चाहिए, यह ‘प्रेम’ सिर्फ मेरा है. ऐसा स्वार्थ होना चाहिए लेकिन यह स्वार्थ, जिसके प्रति प्रेम है उसके लिए त्याग के रूप में होना चाहिए. उसकी भलाई के रूप में होना चाहिए.

जैसे किसी प्रेमी या प्रेमिका के लिए हम कुछ भी त्याग सकते हैं और यह त्याग की भावना जीवन भर बरकरार रहना चाहिए. जैसे भगवान के प्रति प्रेम हम दान, पुण्य, उपवास, शारीरिक कष्ट कर के उनके दर्शन के लिए करते हैं. यहाँ स्वार्थ है लेकिन इसमें त्याग है और यह प्रेम निरंतर है.

प्रेम व्यक्ति के हृदय को इस कदर भर देता है की फिर वहां स्वार्थ के लिए कण भर भी जगह नहीं रहता. प्रेम तो ऐसा समर्पण है की बस अपने प्रियतम को खुश करने के लिए हर वक़्त कोई ना कोई तरीका ढूंढता रहता है.

प्यार करना गलत है या सही?

प्यार करना बिलकुल भी गलत नहीं है. वह प्यार गलत होता है जो अपने साथी का प्रेम के नाम पर गलत इस्तेमाल करते हैं. वे अपनी इच्छाओं की पूर्ति करने के लिए प्रेम को महज इस्तेमाल करते हैं. अगर आप किसी से शारीरिक प्यार करते हैं अर्थात किसी की सुंदरता से प्यार करते हैं तो वो गलत है.

सच्चे प्यार में रंग, रूप, खूबसूरती, हवस कुछ नहीं होता है. सच्चे प्यार में मन और दिल दोनों एक दुसरे से जुड़ते हैं. इसमें दुसरे की परवाह होती है. प्रेम में एक दुसरे का ख्याल, सुख दुःख में साथ, मुस्किल समय में साथ निभाना होता है.

प्यार वो जज्बात है जो मनुष्य और पशु सभी को समझ में आ जाता है. इसे महसूस करो और खो जाओ उस सुनहरी अनोखी दुनिया में, जहाँ सिर्फ सुकून है.

मुझे उम्मीद है की आपको ये लेख प्यार क्या होता है और प्यार क्यों होता है? पसंद आएगा. अगर आपको ये अच्छा लगा तो इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर कीजिये और अगर आप इस विषय पर कुछ टिप्पणी देना चाहते हैं तो बेझिझक निचे कमेंट करें.

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मेरा नाम सबीना है मैं इस ब्लॉग की फाउंडर हूँ. इस ब्लॉग के जरिये आपको बहुत सारे विषय के बारे में जानकारी देना मेरा मकसद है. मुझे नॉलेज शेयर करना बहुत पसंद है. अगर आप मेरे ज़रिए कुछ सिख पाएँगे, तो मुझे बहुत खुशी मिलेगी.

57 COMMENTS

  1. Yah absolutely I understand from your talks But I want ask you that if loves between brother or brother then how I say him about my love

  2. हम एक girl से प्यार करते है लेकिन प्यार का इकरार नही कर पा रहे हमको डर लग रहा है कि परिवर को बता ना दे

    • अगर वह आपके पड़ोस में रहती है तो सोच समझकर बताए अगर वह आपके घर से दूर रहती है तो उसे बता दे वह घर पर नही बताएगी।

  3. Mai bhi ek ladki se pyaar Karta tha ab o mujhe chhodadi ab mai uske dost se pyar kartahun jiska name deepu hai ye dono friend hain mai nahi chahta hoon ki meri vajah se in dono ka jo friendship hai o toote ab mai kya karu Aap hin bataaye

  4. सबीना जी आपको तहे दिल से शुक्रिया प्यार क्या है और कैसे होता है इसके बारे मे समझाने के लिए प्रेम वो शक्ति हैं जिसके आगे इस सृष्टि को झुकना परता है

  5. सबीना जी आपने मन से बहुत सुंदर और प्यारे शब्दों से प्यार की अभिव्यक्ति की है। प्रोफाइल पिक भी बहुत प्यारी लग रही है।

  6. मैं जिससे प्यार करता हूं उसने मैंने कहा कि मुझे तुमसे प्यार हो गया है I love you तो उन्होंने कहा था मेरे पास इसका कोई जवाब नहीं है और मैं उनसे बेपनाह मोहब्बत करता हूं करता मैं सही कर रहा हुं या ग़लत मुझे नहीं पता है please help me !

    • Aapne apne pyar ka izhar kiya yahan tak aap sahi hain, lekin agar iske jawab me apko haan ya na ka jawab nahi mil raha hai to aapko unse phir se puchna hoga ki wo apke liye kya feel karti hain. Unka jawab jo bhi ho aap unki respect kijiye aur life me aage badhiye… Good Luck Naveen…

    • Suraj ji agar aap darenge to Phir aap kabhi bhi apne Pyar ka ijhaar nahi kar Payenge, Himmat kariye aur jakar sab kuch keh daaliye jo bhi apke mann me hai.

  7. हम उससे प्यार करते है लेकिन वह करती है या नही इसका पता कैसे चलेगा।

  8. हमे कैसे पता लगेगा की वह मुझसे love करती है
    please help me

  9. मैंने जिस ladki से had से ज्यादा प्यार किया उसी ने मुझे धोखा दिया

    • You can mark her expression while talking to you. Whenever she meets you and always praises you and only you, then she likes you. If she blushes upon seeimg you and becomes cheerful, then know that she likes you, If she keeps your birthday in mind, then she likes you. If she sends messages frequently on your mobile, then she likes you.

  10. Kaafi acchi baate khi h aapne,,lekin jbb aisi feeling jaisa aapne btaya h,,wo kisi ek insaan se jyada ke liye ho or ek hi saath ho,, tbb kya Kiya jaaye,,

    • Hamari Feelings ek samay mein kabhi ek Person se jyada ke liye nahi ho sakti, agar hoti bhi hai jaise ki apko hai to wo feelings nahi wo attraction hoti hai jise aap feelings samajh rahe hain.

    • Apne Kahan uske anusae ek hi jaisa feeling sb ke liye aane lage to wo hawas h or kuch nhi or aise bhi aj ke daur mein saccha pyar milna bhagwan ko dhundne ke barabar. Koi saccha pyar nhi krta agr koi krta h kisi se saccha pyar to wo bahut hi khush kismat h or main yahi bhagwan se dua krta hoon ki use hmesa khush rkhe

  11. Hi, Madam ji mai abhi padhai kar raha hu mujhe abhi tak kisi ladaki se love nhi hua hai aur kisi ladaki se baat bhi nhi karta hu app mujhe bataye ki mujhe pyar kab hoga. . Madam ji mnujhe ladaki se bat karne ko bahut man karta hai.. Lekin sochta hu ki kahi koi ladaki se bat kru aur vo pyar me dhokha na dede isliye mujhe bahute dar lagta hai kisi se bat karne0 me .-:-4 . Madam ji mai aisi ladaki se sochta hu ki bat kru jo hmesa mere sath rhe. .-:- na dil ne kisi ko staya hota. Na aankho ne kisi ko rulaya hota. . .khushi hi khushi hoti har jaggah. . .bnane vale ne agar dil hi na bnaya hota.. Thank you..

  12. हेल्लो जी .दिलीप है .. मैं एक लड़की से बहुत प्यार करता था. 5 साल से riletion चल रहा था. बहुत ही अच्छा riletion था . अभी मैं 1.5 साल से मैं मुंबई में हु . और अभी मैं उसको किसी और के साथ देखा ..विडियो के साथ . अभी वो 1 साल से बात भी नहीं करती .. आज भी वह बहुत ही याद आती है . हर रोज़ .. पर अभी रिश्ता ख़त्म हो चूका है . अभी भी मैं सम्हल नहीं प् रहा हु . क्या करना चाहिए .. प्लीज हेल्प . i miss him

    • Agar aap log abhi relation me nahi hain aur apki girlfriend kisi aur ke saath relation me hain iska matlab hai ki wo ab apse pyar nahi karti, agar pyar karti to kisi dusre ladke ke paas nahi jaati. Aapko bhi ab is baat ko samajhna hoga aur life me aage badhna hoga.

      • लेकिन . उससे काफी गहरी लगाव था, वो भी पुरे 4 से भी ज्यादा साल से .और मुझे काफी तकलीफ हो रही है,अभी ,पर नहीं भूल प् रहा हू . कृपया कोई उपाय बताये .कैसे भूल कर आगे बढे

        • Aap kisi aur chij mein apna dil lagayein jaise apne kaam pe ya apne future pe aur apne goal pe, aapka dhyan kahin aur lagega tabhi aap unhe bhulkar aage badh payenge.

      • Yahi apka khna h ki insan ki jarurat kuch samay ke liye hota h jb tk usse uska mtlb nhi nikl jaae or mtlb nikl jaae to wo kisi or se pyar krne lge or usse bhi mtlb nikl jaae to phir kisi or se……..

    • Mind me koi baat galat aati hai to use clear karne ki koshish kariye, aur soch samajh kar hi faisala lekar apna pyar ijhaar kariye. agar apke mind mein baar baar galat baat aati hai to wo ladka apke liye sahi nahi hai.

  13. Meri ek friend he jisse me bahut pyar karta hu or sayad use bhi sab wahi feel hota he jo pyar me hota hai
    But wo hai ki ye sab feeling friendship ki he jaruri nahi pyar he

  14. Mujhe only ek sawal ka jawab chahiye main jisse pyar krta tha usne mujhe kisi or ke liye chhod diya to main use bhula nhi paa rha hoon or kbhi bhula bhi nhi paaunga

  15. Mam, mere lyf me ek ldka aya… Use mai syd psnd thi.. Humari baate hue… Normaly fir no exchange.. Hue fir daily baatee hone lgi kvi mai krti thi kvi wo kr leta tha.. Fir meelna start hua.. Meelne ke bd meri v feeling uske liye badhh gyi… Or wo ettta bdh gyi… Ki Maine use ek din pareshaan hoke call kr ke bataaya.. Mai tm se pyr krti hu.. Usne mujhe mnna kr diya.. Bola mai ni krta pyr. To Maine usse baate krni chod di.. Or pareshaan rehne lgi.. Avi mai ek ldke ke saath relation me hu jo mujhe kudh se v jyda pyr krta h… Pr mujhe kavi kavi uski yd aa jaati….. To qa mai jeeske saath relation me hu use dhokha to ni de rahi hu??

    • agar aap jinke saath relation mein hain unke saath loyal hain, aur sirf Pehle wale ko yaad karte hain baat nahi karte to aap dhokha nahi de rahe hain. Lekin agar aap pehle wale ladke ke aane ke baad abhi wale boyfriend ko chhod kar jane ke bare me soch rahe hain to aap use dhokha de rahe hain.

  16. Medam,
    Hum ek ladki se pyar karte hai, jab woh mili online toh ek aise application use karti thi jo sahi nahi thi, usko waha se as a friend nikala .. aur dosti ho gaye.. thire thire love ho gaya.
    Hamari job hai. Woh padhai karti hai. Hum dono alag alag relegious se hai. Ek dusre se marriage karna chahte hai…. Uski dono behno ki shadi nahi hue … Kya hamara marriage karna sahi rahega..?

    Give me reply on my email I’d pl..

  17. सविना जी मुझे एक लड़की से प्यार हो गया है आप मुझे पयार तरीका बताओ

  18. BAHUT SUNDAR…!! Pyar Ko Mahsus Karna aur Jatana jo shayad Adhiktar log kar hi lete hai ! Parantu un Bhavnawo ko, Us soch ko shabdo me Pirona Katheen Hain. aapne bahut Acchi tarah se iski Wyakhya Ki, Dhanyawaad…!!!

  19. Ham dono ek dusre se bahut pyar karte the.. Lekin jab sadhi ki bat karte hai to wo mana kar deti hai.. Aur kaheti hai ki mai ap ko khona nhi chahti. Ab mujhe kya karna chaiye.. Please

  20. में अपनी मोह्बत से बहुत प्यार करता हूं, पर ऐसा क्यू होता है जिसे दिल जान से चाहो ओ अपने ही नसीब में क्यू नहीं होती है जबकि ओ भी हमे उतना ही चाहती है जितना हम

  21. Mujhe ek ladki se bahut pyar ho gya h par use kisi or se pyar h jo uski kdr bhi nhi karta…. Main use apna pyar kaise smjahu😭😭

  22. Dear, mem
    Meri relation kuch 8 mahine pahle suru hui ..mai us ladki se bahut pyar karta hu..lekin jb maine usko bataya apne pyar ke bare me to pahle mana ki .. aur pahle dusre ladke se baat karti thi…lekin sath me mere se bhi baat karti thi ..pahle mere se kaam aur dusre ladke se jyda baat karti thi…lekin kuch din baat wo mere se jyda baat karneagi ..aur agr maine milne ko bola to wo mere se mili…lekin j. Maine usko samjhaya ki agr pyar karna h to ek se karo…aur wo hrr baar meri kasam khati ki agli baar koi mauka nhi dungi …lekin fir bhi hame shikayat ka mauka deti….aur ek din hua ye ki mai us ladke ke samne usko call kiya …..ki tum usko chun lo ya mere ko to reply ata hai ki agr meri zindagi se jaoge to dono log…fir kuch din baat nhi hui syaady10 din ..aur mai roz roz try karta baat karne ki hrrr kosis ki…iske beech me mere se gusse me galti hui ki mere beech me jo bhi relation hua to maine kuch dosto se share kar diya….lekin wo dost dhoka de gaye aur us ladki se bata diye ki mai uske bare me es tarah bola…..lekin wo ladki mere ko es mauka di aur wo ab mere se baat karti hai….lekin mai kabhi bol diya ki mai jb apki hrr khusi aur hrr jarurat ko pura karta hu…agr usko mere kahi jana pasand nhi h to mai waha nhi jata agr usko koi cheeze ki kaami h to mai hrr kami uski pudi karta hu…aur mai us ladki ke siva na kisi ladki ke bare me sochta hu…na dekhta hu…puda din usi ladki ka khyaal mere dil me rahta h ..ki koi galti ka mauka na du usko …aur sayad ab usko milne bulata hu kabhi ki aa jao thoda time mere sath spend kr lo to wo ab mana kr deti h…ki mai tumse mil bs nhi sakti aur tum jo mango wo khusi dene ke liye tayaar hu …kaishi bhi situation ho wo ab mere sath rahti h per apne ghr walo se mere relation ke bare me batane ke liye tayaar nhi h…kyu ki wo sochti h ki hmm ek hi gao ke h to hamari saadi nhi hogi…aur mai uske liye apne ghr walo se tk batane ko tayaar hu ki mujhe us ladki se maridge karne hai…..
    Aur mai hmm dono ki kitni bhi ladayi ho jaye …lekin hamesa jyda tar mai hi usko call karta hu ya manata hu….wo bhi hame manati hai call karti h ….
    Ab mujhe ye janana hi ki hmm dono ka pyar sahi h ya nhi…
    Ya mai ush se pyar nhi karta ya wo mere se pyar nhi karti…
    Mem..plz reply me….

  23. आप जो लिखें हैं वह सब सही हैं मुझे भी लव हुआ़ है लेकिन मैं उसके सामने जाता हू तो मेरा दिल जोर जोर से धड़क ता हैं मैं घबरा जाता हू और मैं उससे कुछ बोल नहीं पाता कुछ तो मदत किजिए प्लीज़ thanku so much sabina ji

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