सच्चा प्यार क्या है और कौन करता है?

अगर आप किसीको चाहते है तोह आपको यह मालूम होना जरुरी है के सच्चा प्यार किसे कहते हैं और सच्चा प्यार कौन करता है?

आज के इस लेख में हम सच्चा प्यार क्या है और सच्चा प्यार कैसे होता है? इस बारे में जानेंगे. इससे पिछले वाले लेख में मैंने प्यार क्या है बहुत ही सरल और अच्छे तरीके से बताया था अगर आपने वो लेख नहीं पढ़ा है तो कृपया वो लेख भी जरुर पढ़ें जिससे आपको प्यार की परिभाषा के बारे में जानकारी मिले.

सच्चा प्यार वो अमृत है जो हमारे जीवन को खुशहाल और रंगीन बना सकती है. लेकिन अगर सच्चे प्यार का गलत फायेदा उठाया जाये तो वही अमृत विष बनकर जीवन को बर्बाद कर सकता है. बदलते ज़माने के साथ प्यार का मतलब भी बदलता जा रहा है. आज कल लोग आकर्षण को ही प्यार समझ बैठते हैं और फिर जब वो आकर्षण खत्म होता है तो प्यार भी खत्म हो जाता है. फिर वो एक दुसरे को प्यार में धोखा देते हैं.

प्यार को खेल बनाकर लोग एक दुसरे के फीलिंग्स के साथ खेल रहे हैं. इसलिए प्यार करने से पहले आपको ये जानना जरुरी है की सच्चा प्यार किसको कहते हैं और सच्चा प्यार कैसे पता करें?

सच्चा प्यार किसे कहते है (What is True Love in Hindi)

sacha pyar kise kahte hai hindi
सच्चा प्यार क्या होता है

सच्चा प्यार दो दिलो का मेल है जो आसानी से जुड़ जाता है पर आसानी से ख़त्म नहीं होता है. प्यार एक खुबसूरत एहसास है जो दो लोगो को गहराई से एक दुसरे से जोड़ता है. ये कुदरत का दिया हुआ एक ऐसा नायब तोहफा है जो जिंदगी में एक बार सभी को मिलता है.

सच्चा प्यार भगवान का दिया हुआ वरदान है जो हमारे सरल जीवन में उमंग और उल्लास के हर रंग भर देता है. प्यार दिल की आवाज़ है जिसे सिर्फ दिल की धड़कन से ही महसूस किया जा सकता है.

सच्चे प्यार में बहुत ताकत होती है जिसमे दुनिया से लड़ने की शक्ति होती है. प्यार एक नशा है जिसमे एक बार हम खो गए तो वापस आने का दिल नहीं करता. अगर वो पास ना हो तो उसकी यादें हमेशा आती रहती है. बार बार उसका चेहरा आँखों के सामने नज़र आता है.

उसकी बातें याद कर अकेले में ही चेहरे पर मुस्कान आ जाती है. हम उस इंसान में पूरी तरह से खो जाते है. हर वक़्त उसकी फ़िक्र सी होने लगती है. अगर एक दिन भी उससे ना मिले या उससे बात ना हो पाए तो मन में कई तरह के सवाल आने लगते हैं.

सच्चा प्यार कभी ख़त्म नहीं होता, अगर आपका प्यार सच्चा है तो वो वक़्त के साथ गहरा होता चला जाता है. प्यार का रिश्ता पहले से और भी मजबूत हो जाता है. सच्चा प्यार जिंदगी जीने का नजरिया बदल देता है.

सच्चा प्यार कैसे होता है?

सच्चा प्यार हमेसा दिल से होता है. जब हमें सच्चा प्यार होता है तो हमारी पूरी दुनिया बदल जाती है. प्यार में हर चीज खुबसूरत हो जाती है. प्यार में पड़ने के बाद हमारे साथ काफी कुछ ऐसा होता है जो हमने पहले कभी महसूस नहीं किया होता.

प्यार की फीलिंग बहुत ही खुबसूरत होती है जो इसे करता है उसे ही इसका एहसास होता है. सच्चा प्यार करने वाले लोगों के चेहरे पर एक अलग सी खुशी चमकती है. उनके होठों पे हमेशा मुस्कान होती है. ऐसा लगता है की मानों उन्हें पूरी दुनिया की खुशी मिल गयी है.

सच्चा प्यार करने वाले आशिक का दिल हर पल यही चाहता है की उसके महबूब का दीदार होता रहे. ये सच है की जब हम किसी को अपने दिल में जगह दते हैं तो वो हमारे दिल के करीब हो जाता है इसलिए बार बार बस अपने प्यार से मिलने की तमन्ना होती है.

सच्चा प्यार का एहसास इतना गहरा होता है की प्यार में पड़े लोग सोते वक़्त हसीन सपने देखने लगते हैं. सपने इतने खुबसूरत होते हैं की उन्हें हकीकत में बदलने की चाहत सी होने लगती है.

रोमांटिक फिल्मे और गाने देख कर ऐसा लगता है की वो हमारे लिए ही बनाये गए हैं. फिल्मो की कहानी अपने प्यार की कहानी जैसे लगने लगती है. प्यार की शायरी पढना भी अच्छा लगने लगता है. शायरी के जरिये हर दिन अपने प्यार का इजहार करने का तरीका तो सभी अपनाते हैं.

कुछ ऐसा होता है प्यार जिसमे बस आप डूबता चले जाते हैं. ऐसी खुशी वैसे ज्यादातर पहले प्यार में ज्यादा होती है जहाँ सब कुछ गुलाबी सा लगने लगता है और आपको हर चीज खुबसूरत नज़र आती है.

सच्चा प्यार क्यों होता है?

एक सच्चा प्यार ज़िन्दगी को खुबसूरत और रोमांचक बना देता है. दुनिया के सभी जिव जंतु को प्यार की जरुरत होती है, बिना प्यार के ये दुनिया ख़त्म हो जाएगी. इसलिए हम सभी को जिंदगी में कभी ना कभी प्यार जरुर होता है.

प्यार में हमारा दिल चाहता है की हम किसी ख़ास के साथ अपना सुख दुःख बाँटे, अपना स्नेह और प्यार बाँटे. इंसान का स्वाभाव ही ऐसा होता है की अगर उसे कोई पसंद आता है तो उसके साथ वो अपनापन महसूस करने लगता है.

सच्चा प्यार एक दुसरे को देखने मात्र से नहीं बल्कि एक दुसरे को समझने और जानने से होता है. सच्चे प्यार को करने और जताने में जल्दबाजी नहीं होती है. सच्चे प्यार में एक दुसरे का भरोसा और सम्मान किया जाता है.

सच्चे प्यार का अंजाम अच्छा हो या ना हो, इसमें मंजिल मिले ना मिले, वो अमर हो जाता है पर ख़त्म नहीं होता. इसमें एक दुसरे का साथ निभाना, सुख दुःख में साथ रहना, मुश्किल समय में साथ रहना होता है. अगर प्यार सच्चा है तो आपका मन, दिल और एहसास सब एक हो जाता है.

सच्चे प्यार की निशानियाँ (How to Find True Love in Hindi)

जब हम प्यार में होते हैं तो बहुत सी चीजें हमें महसूस होती है जिसे हम प्यार की निशानी समझते हैं. यहाँ में उन्ही में से कुछ ऐसे प्यार की भावनाओ के बारे में बताने जा रही हूँ जिसे आपने भी जरुर महसूस किया होगा.

❤️ जब हम प्यार में होते हैं तो हम अपने ही ख्यालों की दुनिया में हर वक़्त खोये रहते हैं. उस वक़्त हमें पता भी नहीं चलता की हमारे आस पास क्या हो रहा है.

❤️ प्यार में तड़प सी महसूस होती है. ऐसा लगता है की कुछ तो अधुरा है जिसकी कमी सी खल रही है. ऐसा तब होता है जब आपका प्यार आपसे दूर होता है.

❤️ जब हम उस व्यक्ति का नाम सुनते हैं तो पुरे शारीर में खुशी की लहर दौड़ने लगती है मनो जैसे बेजान सी शारीर में जान आ गयी हो.

❤️ रातों को नींद तक उड़ जाती है बस उस व्यक्ति का ही ख्याल बार बार आता रहता है.

❤️ जब वो सामने ना हो तो उससे बहुत सारी बातें करने को मन करता है लेकिन जैसे ही वो सामने आ जाता है तो होंठ सिल जाते हैं एक शब्द भी बड़ी मुश्किल से निकलता है.

❤️ जब आप उसकी हर बचकानी हरकतों को पसंद करने लगते हैं तो समझ जाइये की आप उससे बहुत प्रेम करते हैं.

❤️ अचानक से हम भगवान की पूजा करने लगते हैं, मंदिर मस्जिदों के चक्कर काटने लगते हैं और हर दुआ हर प्राथना में उस व्यक्ति की खुशी की कामना करते हैं.

सच्चा प्यार कैसे पता चलता है?

अगर आपको आकर कोई लड़का या लड़की कहे की वो आपसे सच्चा प्यार करता/करती है, तो आपको इस बात का पता लगाना बहुत ही ज्यादा जरुरी है की क्या उसका प्यार सच्चा है या झूठा. प्यार उससे करो जो सच्चा हो.

वैसे आज के ज़माने में सच्चा प्रेम करने वाले बहुत ही कम देखने को मिलते हैं फिर भी अगर आप को उस व्यक्ति के प्यार में कुछ ऐसे लक्षण दिख जायें जिससे आपको ये यकीन हो जाये की उसका प्यार आपके लिए सच्चा है तो उसे अपनाने में बिलकुल भी देरी ना करे.

सच्चा प्यार जानने के तरीके तो बहुत हैं लेकिन उसके लिए आपको उस व्यक्ति के साथ थोडा समय बिताना पड़ेगा जिससे की आपको पता चल सके की उसके लिए सच्चे प्यार की परिभाषा क्या है. उसके दिल में प्यार की भावना कैसी है- अच्छी है या बुरी.

ऐसा नहीं है की सिर्फ आप दुसरे के प्यार की परीक्षा लो, यहाँ पर मै जिन तरीको के बारे में बताउंगी उससे आपको ये भी पता चलेगा आपका प्यार जो है वो भी सच्चा है या सिर्फ एक आकर्षण है.

❤️जो सच्चा प्यार करते हैं उसे अपने साथी से कोई उम्मीद नहीं होती, वो अपने साथी को बिना किसी शर्त के स्वीकार करते है. जो प्यार अपने स्वार्थ के लिए हो वो प्यार सच्चा नहीं होता.

❤️ अपने साथी को खुश देखकर आपके सारी तकलीफे और दिन भर की पूरी थकान दूर हो जाये तो वो है सच्चा प्यार.

❤️ सच्चा प्यार आपको खुश करने के लिए बड़ा त्याग करने के लिए हमेशा तैयार रहता. इस बात की भनक तक भी पड़े बिना जो अपने साथी के लिए त्याग देता है वो सच्चा प्यार करता है.

❤️ प्यार में जलन की भावना नहीं होती. अगर आपका साथी आपसे करियर में अच्छा हो या अपने दम पर उसने कुछ हासिल किया हो जो आपको अभी तक नहीं मिला तो सच्चा प्यार करने वाला अपने साथी से जलन नहीं करता बल्कि उसको दिल से स्वीकार करता है.

❤️ सच्चा प्यार कभी कभी आपको दर्द दे सकता है इसका मतलब ये नहीं है की वो आपसे प्यार नहीं करता. जहाँ प्यार होता है वहां थोड़ी बहुत नोंक झोंक तो होती ही है, लेकिन इसके साथ साथ सच्चा प्यार आपकी रक्षा भी करता है.

❤️ सच्चा प्यार आपके दुःख तकलीफ़ को बिना कहे ही समझ जाता है. अगर आप किसी चीज से परेशान है या दुखी हैं तो आपका साथी आपको उस हाल में देख नहीं सकता. भले ही वो खुद किसी मुसीबत में हो लेकिन वो आपकी सहायता जरुर करेगा और आपके तकलीफ को अपनी तकलीफ समझ कर उसे सुलझाने का प्रयास करेगा.

❤️ प्यार बाँध कर नहीं रखता. जिस प्यार में आजादी नहीं होती वो प्यार ज्यादा दिन तक नहीं टिकता. सच्चे प्यार का अर्थ है अपने साथी को पूरी आजादी देना. इसमें रोक टोक नहीं होना चाहिए.

❤️ सच्चा प्यार हमेशा अपने साथी पर विश्वास करता है. ये आपके फैसले और कार्यों पर भरोसा करता है और आपके प्रति हमेसा सकारात्मक रहता है. जहाँ शक की गुंजाईश होती है वहां प्यार मर जाता है.

सच्चे प्यार को दो शब्दों में बयान नहीं कर सकते है और ना ही प्यार की कोई परिभाषा है. ये शब्द्विहीन है इसे सिर्फ महसूस किया जा सकता है. सच्चा प्यार इंसान को कहीं भी किसी भी अवस्था में हो सकता है. प्यार गरीबी या अमीरी, धर्म-जाती और रंग-रूप नहीं देखता है, ये तो सिर्फ प्यार देखता है.

मुझे उम्मीद है की आपको सच्चा प्यार किसे कहते है और सच्चा प्यार कौन करता है लेख पसंद आएगा. इस लेख से जुड़े आपके कोई और विचार हैं तो उसे हमारे साथ शेयर करें.

22 COMMENTS

  1. Very good
    Real love yhi hai. Ye nhi ki pyar sirf ek tarfa ho, ydi true love hai to bo sabhi hade paar karke Hamesha Apne premi /premika ko Khush rakhega jati pati bhed bhav se koi Lena dena nhi

  2. love is life.
    sachcha pyaar hota h first time or chalta life time etna sb jante h, but
    kya life me sat hona hi sachcha pyaar hota h kya can you tell me about it?

  3. sabina ji mein apko kuch batana chahta hu.mere ghar ke side mein ek ladki rahti hai,jo mujhse shayad pyaar karti thi.uski harkato se lagta tha use mein pasand hu.mujhe dekhte hi mujhe hath karti thi,apne kapde thik karti thi,muskurati thi,mujhe apne ghar se chup kar dekhti thi,mein der se kam se aya to apne ghar ki diwar se mujhe dekhti thi,mein samaj raha tha ki wo mujhe pasand karne lagi hai.mujhe bhi uski en harkato se usese pyar hone laga.usse baat karne ki sochta magar baat hi nahi kar pata.mujhe kuch alag sa mahsus hone laga tha,to mein socha yaar ye pyaar ka chakkar mujhse nahi ho payenga. to mein ne us ladki se baat karna band kar diya. uske samne bhi anna band kar diya.mein nahi dikh raha isliye wo mere ghar par kisi bhi bhahane se aya karti thi.use dekh mein samaj raha tha magar man mein alag sa hi dar hone ki wajah se usse baat nahi karta tha.kuch din essa hi chal raha tha.phir mein ne socha jando use kyu tadpau,to mein ne socha usse baat kar hi dalu.to ekdin uske ghar par koyi nahi tha,wo akli hi thi mein ne socha ki aaj usse kahi dalu,magar mein jab uski diwar par chada to mein ne dekha ki wo kisise phone par baat kar rahi hai,baato se lag raha tha kisi ladke se baat kar rahi hai,achanak uski najar mujhpe padi to kuch hadbadke boli,kya hai?mein kaha kuch nahi ek phone lagaa na tha,to wo boli samne se aate,eisa bol kar usne phone kaat diya.mein ne pucha kon tha?to kahne lagi bhay tha!mein ne samaj liya tha ki us ne jhut bola hai.tab se ab tak 4-5 mahine huye mein ne usse baat karna chod diya,magar ab bhi mujhe uska khayal sata raha hai,uski ki hi yaad ane lagti hai.to kya mein ne usse nahi batta kar sahi kiya ki nahi ki wo mujhe pasand thi?mein ne usse baat karna kya chod diya tha to usne kisi aur se baat karna shuru kar diya.kya eisa hi hota hai dhoka dena???

    • Hello Mahesh, mujhe lagta hai wo ladki move on kar chuki hai aur ab apko bhi move on karna chahiye, acchi baat ye hai ki aap dono ke bich koi serious relationship nahi tha warna apko bahut hurt hota. Lekin abhi apko dukhi hone ki koi jarurat nahi, apko life me bahut acchi ladki mil sakti hai.

    • Bhai muje pta aisa sa hi hota h aksar mere sath bhi hua h jis din aap safal ho jaoge us din aapko sabkuch mil jayga sab kuch bas apne aap par bharosha rkho bhai sachcha kisi ko nahi milata sab matlav h apna kaam nikalte h khush rho mere bhai mai yhi chahta hu

  4. Thanks mem batane ke liye par ab koi dil se piyar nahi karta koi rupay ka bhukha hai to koi jism ka sahi kha na mem paisa ho to sab apne na ho to sab pray mai class 12th ka student hu

  5. Hello sabina ji…mujhse ek ldka pyar krta h 6 saal se…2 saal tk uska pyar ek trfa rha fr usne mujhe bta diya ki bo mujhse pyar krta h..sabina ji phle hm dono le beech m sb kuch accha tha ab ldai hoti h..sabina ji pta nhi meredimag m kya kya ulti batein chlti rhti h kbhi lgta h ki hm same caste nhi h kya m alg caste m survive kr paungi ya nhi…kbhi lgta h ki bo mujhse pyar nhi krta pr jb mein uski baton ko yaad krti hu toh lgta h ki bo mujhse bhut pyar krta h…kbhi mujhe lgne lgta h ki meri sisters ki shadi bhut acchi families m ho rhi h kya m status match kr paungi unka ya nhi…kbhi kbhi lgta h ki bo apna business chla rhe h pr mujhe toh govt. Job bala insan chahti thi..insort mere dimag m bhut uljhan chlti h bt uljhno ke beech m ek baat ye bhi chlti h ki m unko kbhi dhoka nhi dungi kyuki bo mujhse bhut pyar krte h …chahein mujhe apni life spoil bhi krni pde unke liye toh bhi m unke sath rhungi unko dhoka nhi dungi…bt jb se ye meri life m aaye h tbse mein presan rhne lgi hu..chidne lgi hu overthinking krne lgi hu..kbhi family ka dr lgta h kbhi samaj ka…toh kbhi kbhi lgta h ki mere ghr m chote chote bacche h kahin aage chlkr unhone bhi aisa hi kiya toh …insort ab m bhut presan rhti hu…ye sb batein m unse share bhi nhi kr sakti kahin bo hurt ho gye toh…kahin unko aisa lgne lga ki unko pyar krne ki saja mili h…mein aisa kuch feel nhi krana chahti….plz meri help lro btao mujhe ki mujhe kya krna chahiye..kaise mein khud ko shanti du aur happy rhu plz help me..plz

    • Sabse pehle to aap overthinking karna chhod dijiye, ye saare Problems ka main root hai. Agar aap apne bf se saccha pyar karti hain aur wo bhi apse saccha pyar karte hain to apko apni khusi ke bare me sochna chahiye naa ki samaj aur status ke bare me. Lekin agar apko thoda sa bhi doubt hai ki apka future apke bf ke saath successful nahi ho payega ya aap unke saath ab khush nahi reh sakti to aap is rishte ko yahin par rok dijiye kyonki aage jakar apko bahut se Problem ko face karna Pad sakta hai. Agar aap apne feelings ko lekar 100% sure hain to Phir aap tension mat lijiye aur ghar me apne shadi ke liye baat kariye. I hope this will help you…

  6. Mere pyar ne muje ek ni zindgi di h. Ek ni zindgi ki umeed. Chahe mere paas kuch bhi na ho pr asa lgta h ki sb kuch h mere paas

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