महात्मा गांधी जयंती पर भाषण

महात्मा गांधी जयंती पर भाषण: गाँधी जयंती का दिन बड़ा ही शुभ दिन होता है. हर वर्ष इस दिन को पुरे भारतवर्ष में एक राष्ट्रिय उत्सव के रूप में मनाया जाता है. गाँधी जयंती राष्ट्र त्यौहार है जिसे गाँधी जी के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है. इस दिन सभी सरकारी कार्यालयों, बैंको, स्कूलों, कोलेंजों, डाकघरों इत्यादि बंद रहते हैं. दिल्ली में स्तिथ राजघाट पर महात्मा गाँधी का समाधिस्थल है. गाँधी जयंती के दिन लोग यहाँ बड़ी संख्या में आते हैं और गाँधी प्रतिमा पर फुल चढ़ाकर उनको याद करते हैं.

भारत में प्रमुख स्कूलों द्वारा हर साल 2 अक्टूबर को गांधी जयंती पर जश्न मनाने के लिए भव्य समारोह का आयोजन किया जाता है. छात्र बापू के सत्य और अहिंसा के संदेश पर आधारित एक गीत गाते हैं, कवितायेँ सुनाते हैं, भाषण और गायन से गांधीवादी दर्शन पर अपने विचार प्रस्तुत करते हैं. यहाँ पर मैंने सरल शब्दों में उनलोगों के लिए महात्मा गांधी जयंती पर भाषण तथा गांधी जयंती पर स्पीच प्रस्तुत किया है जिनको 2 अक्टूबर के दिन विद्यालय और कॉलेजों में भासण देना है या किसी प्रतियोगिता में भाग लेना है.

गांधी जयंती पर भाषण (Speech on Gandhi Jayanti in Hindi)

महात्मा गांधी जयंती पर भाषण

आदरणीय मान्यवर, प्रधान अध्यापक, शिक्षकगण और मेरे प्यारे मित्रों आप सभी को मेरा नमस्कार. इस पावन अवसर पर आज हम सब एक प्यारा उत्सव मनाने के लिए एकत्रित हुयें हैं जो गाँधी जयंती कहलाता है. आप सभी का यहाँ हार्दिक स्वागत है. ये मेरा सौभाग्य है की आज इस पवित्र मौके पर मुझे आप सबके सामने गाँधी जयंती पर अपने शब्द रखने का अवसर मिला है.

आज हम सब यहाँ गाँधी जयंती का उत्सव मनाने के लिए इक्कठे हुए हैं. इस दिन यानि 2 अक्टूबर को देश के महान नेता महात्मा गाँधी जी का जन्म हुआ था. गाँधी जी वो शक्शियत हैं जिन्होंने सत्य और अहिंसा के दम पर भारत को अंग्रेजों के 200 वर्षों की गुलामी से आज़ाद करवाया था. महात्मा गाँधी जी का जन्म 1869 को पोरबंदर में गुजरात में हुआ. इनका पूरा नाम मोहनदास करमचंद गाँधी है. गाँधी जी को राष्ट्र पिता भी कहा जाता है और भारत के सभी लोग इन्हें प्यार से बापू भी कहते हैं. इनके पिता का नाम रामचंद गाँधी है, वे राजकोट के दीवान थे और माता का नाम पुतलीबाई है. उनकी माँ धार्मिक विचारों वाली महिला थी.

बापू जी के महान कर्मो को याद करने, सम्मान देने और उन्हें श्रद्धान्जली अर्पित करने के लिए हर साल उनके जन्मदिन को गाँधी जयंती के रूप में मनाया जाता है. गाँधी जी आजीवन सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चले. उनके इस सिद्धांत को पूरी दुनिया ने अपनाया है. यही वजह है की उनका जन्मदिन “अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस” के रूप में भी मनाया जाता है.

महात्मा गाँधी भारतीय’ स्वंतंत्रता आंदोलन के एक प्रमुख राजनैतिक एवं आध्यात्मिक नेता थे जो हमेसा सत्य और अहिंसा के राह पर चलते थे और इसे ही अपना हथियार मानते थे. देश को आज़ाद करवाने के लिए उन्होंने कभी हिंसा का सहारा नहीं लिया और अपने साथियों को सदैव अहिंसा का रास्ता अपनाकर देश को आज़ाद करवाने की बात कही. ये सत्याग्रह के माध्यम से अत्याचार के प्रतिकार के अग्रणी नेता थे, जिसने भारत को आजादी दिलाकर पूरी दुनिया से जनता के नागरिक अधिकारों एवं स्वतंत्रता के प्रति आंदोलन के लिए प्रेरित किया.

गाँधी जी मानवता के संरक्षक थे, वे दिन-दुखियों के सहायक और अहिंसा के पुजारी थे. उन्होंने आजीवन समाज कल्याण और राष्ट्र कल्याण के लिए ही आत्मजीवन को समर्पित कर दिया. ब्रिटिश शासन से आजादी प्राप्ति में भारतीय लोगों की मदद के लिए इनके द्वारा असहयोग आंदोलन, नमक सत्याग्रह और भारत छोडो आंदोलन का आयोजन किया. वह कई बार जेल गए लेकिन कभी अपना धेर्य नहीं खोया और शांतिपूर्वक अपनी लड़ाई को जारी रखा. अंततः 15 अगस्त 1947 को भारत अंग्रेजी शासन से मुक्त हो गया.

स्वाधीनता संघर्ष में उनके योगदान को शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता. हम कह सकते हैं की बापू ने शहीद भगत सिंह, लाल बहादुर शास्त्री, सुभाष चन्द्र बोस, सरोजिनी नायडू, लाला लाजपत राय और दुसरे अन्य क्रांतिकारियों के साथ मिलकर अंग्रेजों को हमारा देश छोड़ने पे मजबूर कर दिया था. उनकी कई सारी नीतियाँ ख़ास तौर पर अहिंसा निति देश के आजादी में सबसे बड़ा हथियार साबित हुआ. उनके बलिदान को ना ही हम भूलें हैं ना ही इसे कभी भूल सकते हैं.

गाँधी जयंती के दिन भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा “स्वच्छ भारत अभियान” का शुरुआत भी हुआ. बापू ने “स्वच्छ भारत” का सपना देखा था जिसके लिए वह चाहते थे की भारत के सभी नागरिक एक साथ मिलकर देश को स्वच्छ बनाने के लिए कार्य करें. यही कारण है की गाँधी जयंती के दिन यानि 2 अक्टूबर को स्वच्छ भारत अभियान शुरू किया गया. देश को स्वच्छ रखना हम सबका कर्तव्य है. जिस तरह देश की आजादी के लिए हम सब एक जुट होकर अंग्रेजों को भारत से भगाया था उसी तरह ही हमारे देश को स्वच्छ रखने के लिए और गंदगी को देश से बहार फेकने के लिए भी हमें एक साथ जुड़कर सफाई करनी होगी.

गाँधी जयंती के दिन, नयी दिल्ली के राजघाट पर महात्मा गांधी को उनके समाधी स्थल पर भारत के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के द्वारा प्रार्थना, फुल, भजन आदि के द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है. वह आज भी हमारे बिच शांति और सच्चाई के प्रतीक के रूप में याद किये जाते हैं. उनके याद में उनका पसंदीदा भक्ति गीत “रघुपति राघव राजा राम” गाया जाता है. जिसे मै भी आज आप सबके सामने गाकर सुनना चाहती हूँ.

गाँधी जयंती पर “रघुपति राघव राजा राम” गीत (Lyrics of raghupati raghav raja ram for Gandhi Jayanti)

"रघुपति राघव राजाराम,
पतित पावन सीताराम
सीताराम सीताराम,
भज प्यारे तू सीताराम
रघुपति राघव राजाराम,
पतित पावन सीताराम
ईश्वर अल्लाह तेरो नाम,
सब को सन्मति दे भगवान
रघुपति राघव राजाराम,
पतित पावन सीताराम
राम रहीम करीम समान
हम सब है उनकी संतान
रघुपति राघव राजाराम
पतित पावन सीताराम
सब मिला मांगे यह वरदान
हमारा रहे मानव का ज्ञान
रघुपति राघव राजाराम,
पतित पावन सीताराम
जय रघुनन्दन जय सिया राम
जानकी वल्लभ सीताराम
रघुपति राघव राजाराम,
पतित पावन सीताराम."

मेरे इस भासण को धेर्यपूर्वक सुनने और अपना बहुमूल्य समय देने के लिए आप सभी का धन्यवाद.

जय हिन्द!! जय भारत!!

महात्मा गाँधी जी के जो विचार थे वो बड़े ही अदभुत थे, ये विचार ही उन्हें दुसरे व्यक्ति के सोच से अलग कर देते हैं. गाँधी जी का एक अहम् सिद्धांत था ‘अहिंसा परमो धर्म’ जिसका अर्थ है की अहिंसा ही हमारा धर्म है और इसी सिद्धांत का पालन करते हुए बापू ने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए भारत की आजादी की लड़ाई लड़ी. मुझे उम्मीद है की आपको महात्मा गांधी जयंती पर भाषण या महात्मा गांधी जयंती पर लेख पसंद आएगा. अगर आपको ये भासण पसन् आये तो अपने मित्रों और परिवार वालों के साथ इसे जरुर शेयर करें.

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