शराब और धूम्रपान पर निबंध – सेहत के लिए हानिकारक है

शराब और धूम्रपान पर निबंध (Essay on Liquor and Smoking Ban in Hindi): पूरी दुनिया में आज के समय में जो सबसे आम समस्या है जिसके वजह से लोग मर रहे हैं वो है शराब और धुम्रपान. बहुत से लोगों के इस भयानक आदत की शुरुआत मानसिक तनाव, निजी समस्या और high blood pressure होने की वजह से हुई है. कुछ लोग तो दिखावे और मजे के लिए भी शराब और धुम्रपान करना शुरू कर देते हैं. जब कोई व्यक्ति शराब या धुम्रपान करता है तो वो केवल अपने आपको ही नहीं बल्कि उनके आस पास के लोगों को भी नुकसान पहुंचाते हैं. ये दोनों नशीली चीजें शरीर को अन्दर से इस कदर खोखला कर देते हैं जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है.

लगभग सभी लोग जानते हैं की शराब और धुम्रपान से कई तरह के cancer और ह्रदय रोग होता है इसके अलावा ये जीवन की आयु को 10 साल तक कम कर देती है साथ ही इसके इलाज के लिए जो खर्चे होते हैं वो अलग, इतना सब कुछ जानते हुए भी लोग इनका सेवन करते हैं इसका केवल एक ही कारण है और वो है लत यानि addiction. इस लत के पीछे लोगों का पैसा, परिवार, स्वास्थ्य सब कुछ छीन जाता है.

शराब और धुम्रपान से होने वाले नुकसान से आज हम आपको अवगत करवाएंगे, आज मैं आपके लिए शराब और धुम्रपान पर निबंध प्रस्तुत कर रही हूँ. इसके पीछे मेरा केवल एक ही मकसद है की आप इससे होने वाले हानि को जानें और अपने बच्चों को भी इसके बारे में बतायें ताकि आगे जाकर आपके बच्चे इस जेहरिले चीज का शिकार ना बन पायें.

शराब और धुम्रपान निषेध पर निबंध – Essay on Liquor and Smoking Ban in Hindi

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शराब और धुम्रपान मानव शरीर के लिए बहुत ही हानिकारक होता है. धुम्रपान एक समस्या है, ये शरीर के लिए इतना खतरनाक है की यह शरीर के लगभग सभी अंगों को नुकसान पहुँचाता है. सभी लोग इस सच को जानते हैं फिर भी इस सच को अनदेखा करते हैं और इस आदत को नहीं छोड़ते हैं. आज के आधुनिक युग में धुम्रपान करना भी एक fashion बन चूका है. आज कल के नौजवानों को हम धुम्रपान करते हुए देख सकते हैं यहाँ तक की लड़कियां और औरतें भी धुम्रपान करती है.

उसी तरह शराब पिने वालों के घर बर्बाद हो जाते हैं, उनका भविष्य तो अंधकार में जाता ही है साथ में उनके बच्चों का भी भविष्य ख़राब हो जाता है. हमारे देश में सबसे ज्यादा घर शराब के कारण बर्बाद हो रहे हैं. अगर आप किसी व्यक्ति या नौजवान से पूछेंगे की आप धुम्रपान या शराब का सेवन क्यों करते हैं तो वो आपसे कहेंगे की धुम्रपान करना और शराब पीना मर्द की शान होती है और अपने शौक को पूरा करने के लिए या दूसरों को दिखाने के लिए धुम्रपान करना शुरू कर देते हैं. वो यह भूल जाते हैं की शराब या धुम्रपान का सेवन करना दिमागी खोखलेपन की निशानी है.

कई बार कुछ नौजवान सिनेमा से भी प्रभावित होते हैं जिसमे हीरो का किरदार निभाने वाले कलाकार धुम्रपान करते हुए दिखाते हैं लेकिन असल ज़िन्दगी में वो उन चीजों को हाथ भी नहीं लगाते हैं. फिर भी उनके चाहने वाले उन्हें धुम्रपान करता देख इस आदत को अपना लेते हैं. दिन भर के मेहनत के बाद शाम को शराब पिने वालों का तर्क होता है की इससे उनकी दिन भर की थकान दूर हो जाती है. ये लोग शराब पिने के बाद डगमगा कर चलने और बेहोश हो जाने को ही शायद थकान का दूर होना समझते हैं.

कई बार तो शराब पीकर लोग ये भूल जाते हैं की वह किसके सामने खड़े हैं, अपने माता पिता की इज्जत नहीं करते, अपनी बीवी की इज्जत नहीं करते और अपने बच्चों के साथ भी बुरा बर्ताव करते हैं. शराब पिने के लिए हमेसा बहाने ढूंढते रहते हैं कभी ख़ुशी के मौके पर पीते हैं तो कभी गम भुलाने के लिए पीते हैं लेकिन यह गलत है शराब पिने से गम दूर नहीं होते हैं परेशानियाँ दूर नहीं होती बल्कि हम अपने शरीर के साथ अन्याय करते हैं. जिस शरीर को प्रोटीन, अच्छे अच्छे फल फुल लेना चाहिए उस शरीर को शराब पीकर जहर देते हैं जिससे लीवर और किडनी ख़राब हो जाती है. इसके इलाज में लाखों रुपये लग जाते हैं, जिनके पास इलाज के लिए पैसे नहीं होते वो अपना घर, जमीन और गहने बेच देते हैं उनका बसा बसाया घर इन सभी बिमारियों को ठीक करने में उजड़ जाते हैं जिनका कारण सिर्फ शराब है.

वास्तव में धुम्रपान करने या शराब पिने के पीछे चाहे जो भी वजह हो लेकिन इससे सिर्फ हमको ही नुकसान होता है. हमें चाहिए की हम शराब और धुम्रपान बिलकुल भी ना करें और एक स्वस्थ जीवन जिए और साथ ही अपने परिवार वालो, दोस्तों को भी धुम्रपान और शराब का सेवन बिलकुल भी ना करने दे क्योंकि इनका सेवन करने से एक बीमारी नहीं बल्कि बहुत सारी बीमारियाँ होती है और हस्ती खेलती दुनिया में अँधेरा छा जाता है इसलिए हमें धुम्रपान बिलकुल भी नहीं करना चाहिए और शराब भी नहीं पीनी चाहिए.

शराब के नुकसान

शराब के सेवन का हमारे जीवन पर घातक प्रभाव पड़ता है. आज जिधर देखो उधर युवा, बूढ़े, स्त्री, पुरुष, अमीर, गरीब सभी इस घातक जहर की चपेट में नजर आते हैं. शराब के अत्यधिक और अनियंत्रित रूप से सेवन करने से अनेक शारीरिक, मानसिक, आर्थिक और सामाजिक नुकसान होता है. चलिए शराब पिने के क्या नुकसान हैं इनके बारे में और विस्तार से जानते हैं-

1. शराब का सेवन करने से पेट से जुडी हजारों समस्याएँ शुरू हो जाती हैं जैसे acidity, ulcer, stomach cancer इसके अलावा Hepatitis, Hypertension, diabetes, bronchitis, ह्रदय रोग आदि बीमारियाँ भी हो जाती हैं. इन सभी रोगों की सम्भावना आम इंसान की तुलना में शराबी इंसान में ज्यादा पाई जाती है. इस पेय पदार्थ से हड्डियाँ भी कमजोर हो जाती है और मोटापा भी होता है. शराब पिने से केवल पेट की समस्या ही नहीं बल्कि मुँह, oesophagus और pancreatic cancer की सम्भावना भी बढ़ जाती है.

2. शराब पिने से घर का माहौल भी बिगड़ जाता है. अगर घर का कोइ एक सदस्य भी शराब पिता है तो घर में अशांति फ़ैल जाती है. शराब के नशे में पती अपने बीवी से झगडा करता है, बच्चों के साथ मारपीट करता है और पड़ोसियों के साथ सम्बन्ध खराब कर लेता है.

3. शराबी व्यक्ति की समाज में कोई भी इज्जत नहीं करता, कार्यालय में लोग उनका मजाक बनाते हैं. पुराने और अच्छे दोस्त छुट कर नए शराबी दोस्त बन जाते हैं. शराब पीकर गाडी चलाते वक़्त अनेक गंभीर दुर्घटनायें हो सकती है. इससे व्यक्ति खुद की और साथ में दूसरों की जिंदगी के लिए भी खतरा बन जाता है.

4. शराब का अधिक सेवन से मानसिक स्थिति खराब हो जाती है इससे अच्छा या बुरा सोचने की क्षमता में कमी आ जाती है साथ ही कार्य करने की क्षमता में भी कमी आ जाती है. समाज में मान सम्मान घट जाता है. शराब के नशे में चोरी करना, झूठ बोलना तथा अन्य अपराधिक कृत्यों को बढ़ावा मिलता है.

5. शराबी व्यक्ति की दिन की शुरुआत ही शराब से होती है. शराब के नशे में व्यक्ति अपने काम धंधे पर ध्यान नहीं दे पाता है इससे उसकी आर्थिक स्थिति ख़राब होना शुरू हो जाता है. और आखिर में स्थिति यह आ जाती है की शराबी व्यक्ति सब कुछ बेचकर भी शराब की बोतल खरीदने को तैयार दिखाई देता है.

6. जिन परिवारों के पास रोटी कपडा और मकान की सुविधा उपलब्ध नहीं है तथा सुबह शाम खाने के लाले पड़े हुए हैं उनके घर के मुखिया मजदूरी कर के जो भी कमा कर लाते हैं वे शराब पर फूंक डालते हैं. ऐसे लोगों को अपनी परिवार की चिंता भी नहीं होती की उनके पेट खाली हैं और बच्चे भूक से तड़प रहे हैं. एक अध्ययन से ये बात सामने आई है की भारत में कुल पुरुषों की आबादी में से आधे से अधिक आबादी शराब तथा अन्य प्रकार के नशों में अपनी आय का आधे से अधिक पैसा बहा देते हैं.

7. अत्यधिक शराब पिने से मनुष्य अपना आपा खो देता है, वह सब कुछ भूल जाता है की वह कहाँ है, किसके साथ है. उसे यह भी नहीं पता चलता की वह क्या बोल रहा है, क्या कर रहा है और ऐसी ही परिस्थितियों में घरेलु हिंसा के मामले सामने आते हैं.

धूम्रपान के नुकसान

धुम्रपान एक अभिशाप है इसे करने से स्वास्थ्य सम्बंधित अनेकों बीमारियाँ होने की संभावना होती है. आज नहीं तो कल इससे होने वाली भयंकर बीमारी का सामना धुम्रपान करने वाले व्यक्ति को होना निश्चित है. धूम्रपान से होने वाले रोग के विषय में चिंतन सबसे पहले 1930 से प्रारंभ हुआ था जिसके बाद से इस विषय पर निरंतर चर्चाएं होती रहती है किन्तु फिर भी सम्पूर्ण विश्व के आंकड़ों को अगर देखा जाये तो धुम्रपान से मरने वालों की संख्या में निरंतर वृद्धि पाई जा रही है.

विकसित देशों में धुम्रपान की लत अब महिलाओं और लड़कियों में भी तेज़ी से फ़ैल रही है. भारत में धुम्रपान के कारण होने वाली मौतों की संख्या प्रत्येक वर्ष 1 million तक पहुँच जाती है. धुम्रपान की लत अगर ज्यादा हो तो वह और भी ज्यादा बुरा असर डालती है. केवल धुम्रपान का सेवन करने वाले व्यक्ति ही नहीं बल्कि उससे निकलने वाले धुंए के संपर्क में अगर कोई आ जाता है तो उसे भी इससे नुकसान पहुँचता है. धुम्रपान के दुष्प्रभाव और इनसे होने वाले और भी कई तरह के नुकसान हैं जिसके बारे में निचे बताया गया है-

1. सबसे पहले तो धुम्रपान करने वालों के फेफड़ों का cancer होता है. धुम्रपान करने वालों में इस cancer के चांसेस न करने वालों की अपेक्षा 10 गुना होते हैं. क्योंकि इसका पता काफी देर से लगता है इसलिए 95 प्रतिशत लोगों की मृत्यु हो जाती है.

2. अत्यधिक धुम्रपान तम्बाकू का सेवन करने के कारण हमारा शरीर त्वचा को oxygen की आपूर्ति बंद कर देता है और इसलिए हमारी त्वचा नीरस और बेजान हो जाती है.

3. धुम्रपान से मुख cancer, oesophagus cancer और पेट का cancer भी होता है. Bronchitis, मसूड़ों के इन्फेक्शन इसी लत के कारण अधिक होते हैं.

4. धुम्रपान से रक्तचाप में वृद्धि होती है, रक्तवाहिनियों में रक्त का थक्का बन जाता है. जिससे शरीर के ह्रदय, मस्तिष्क और अन्य अंगों में अपर्याप्त oxygen की आपूर्ति होती है. ऐसे लोगों में मृत्यु दर 2 से 3 गुना अधिक पाई जाती है.

5. धुम्रपान करने वालों में जागरूकता और सोचने समझने की शक्ति कम हो जाती है. जो पुरुष धुम्रपान करते हैं उनकी पत्नियों को cervical cancer के चांसेस अधिक होते हैं. गर्भवती महिला को भी धुम्रपान से खतरा होता है. cigarette के धुएं से बच्चे का स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है, बच्चा कम या ज्यादा वजन का हो सकता है और उसे मधुमेह, अस्थमा, उच्च रक्तचाप या हार्ट स्ट्रोक जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.

6. Cigarette से निकले धुएं में तिन गुना निकोटिन, तिन गुना टार और पचास गुना अधिक अमोनिया होता है जो अत्यंत नुकसानदेह होता है. अगर माँ अपने आसपास के तंबाकू एवं धुम्रपान के धुएं के संपर्क में आती है तो इससे भ्रूण का कम विकास होता है.

7. धुम्रपान करने से इसके विषैले पदार्थ रक्त में प्रवेश करते हैं और रक्त कोशिकाओं (Blood Cell) को नुकसान पहुंचाते हैं. यह blood cancer का कारण भी हो सकता है.

8. धुम्रपान पुरुषों में infertility का मुख्य कारण होता है और इससे नपुंसकता का खतरा बढ़ जाता है. धुम्रपान करने से शुक्राणु का उत्पादन कम होता है और जो जितना अधिक धुम्रपान करता है उसमे उतना ही अधिक infertility की संभावना विकसित होती है.

9. महिलाएं जो धुम्रपान करने की आदि होती है उन्हें अक्सर अनियमित माहवारी चक्र या माहवारी नहीं होने की शिकायत होती है. उनकी fertility कम या संपन्न हो जाती है, अत्यधिक धुम्रपान से महिलाओं को स्तन cancer और cervical cancer भी हो सकता है.

शराब और धुम्रपान छोड़ने के उपाय

शराब और धुम्रपान का इलाज और इसके लत को कम करने का एक ही उपाय है- इनका सेवन करने से किसी भी हाल में रोक लगाना. ऐसा तभी होगा जब शराबी व्यक्ति या धुम्रपान करने वाला व्यक्ति इन्हें छोड़ने का पक्का निश्चय करें. उन परिश्थितियों और दोस्तों की संगती से बचें जो शराब और धुन्रापन सेवन को बढ़ावा देते हैं. शराब पिने की इच्छा हो तो उसके जगह पानी एवं अन्य तरल पदार्थों का भरपूर मात्रा में सेवन करें. सेब का जूस, करेले का जूस, खजूर, शिमला मिर्च, अजवायन, सौंफ आदि शराब की तलब को कम करती है.

उसी तरह जब कभी आपको धुम्रपान करने का मन करे तो आप अपने परिवार के बिच बैठ जाइये आप अकेले बिलकुल भी मत रहिये और दुसरे काम में अपना मन लगाने की कोशिश कीजिये. आपनी आदतें बदलें, यदि काम ख़त्म करने के बाद शाम को शराब पिने की आदत है तो काम ख़त्म करने के बाद अपने परिवार वालों के साथ समय बितायें, अपने बच्चों के साथ वक़्त गुजारें. धुम्रपान या शराब की आदत एकदम से खत्म नहीं होती, इसलिए धीरे धीरे करके इस आदत को छोड़ने की कोशिश कीजिये. अगर आप हर दिन इन चीजों का सेवन करते हैं तो आप एक दिन छोड़कर इनको पिने की कोशिश करिए. धीरे धीरे इनका सेवन करने को और भी कम करते जाइये और आपको पता भी नहीं लगेगा की कब आपकी ये बुरी आदत ख़त्म हो जाएगी.

उम्मीद है की आपको ये लेख “शराब और धुम्रपान पर निबंध (Essay on Liquor and Smoking in Hindi)” पसंद आएगा. इस लेख से आपको शराब और धुम्रपान से होने वाले नुकसान की जानकारी मिली होगी और आपको ये भी समझ में आया होगा की इसके सेवन से एक नहीं बल्कि कई ज़िंदगियाँ बर्बाद होती हैं. इसलिए अगर आपके परिवार में या आपके कोई दोस्त इनमे से किसी भी एक चीज का सेवन करते हैं तो उनके इस लत को छुड़ाने में उनकी मदद जरुर करें और उनका सहारा बनें. इस लेख को ज्यादा से ज्यादा share करें ताकि उन्हें भी शराब और धुम्रपान छोड़ने का उपाय के बारे में पूर्ण जानकारी मिल सके.

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