गांधी जयंती क्यों मनाया जाता है और इसका क्या महत्व है?

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गांधी जयंती क्यों मनाया जाता है? भारत की धरती संतों, महात्माओं, धर्मो और विचारकों की भूमि है. उनमे से एक महान नेता थे हमारे महात्मा गांधी जी जिन्होंने सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों पर चलकर हमारे देश को आजादी दिलाया था. आजादी में उनके अतुलनीय योगदान की वजह से उन्हें भारत के “राष्ट्रपिता” से भी संबोधित किया जाता है.

महात्मा गाँधी को राष्ट्रपिता की उपाधि सुभाष चन्द्र बोस ने दी थी. भारत में हर वर्ष गाँधी जी को श्रद्धांजलि देने के लिए उनके ही जन्म दिवस पर गांधी जयंती मनाया जाता है.

2 अक्टूबर का इतिहास क्या है ये तो आप सभी जानते हैं की इस दिन गाँधी जयंती मनाई जाती है. लेकिन क्या आप ये जानते हैं की गांधी जयंती क्यों मनाई जाती है और इसका क्या महत्व है? आज मै इस लेख के जरिये आपको यहीं बताने वाली हूँ की गांधी जयंती क्यों मनाई जाती है.

गाँधी जयंती क्यों मनाते हैं – Why Gandhi Jayanti is Celebrated in Hindi

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महात्मा गाँधी भारत के एक महान और उत्कृष्ट व्यक्तित्व वाले व्यक्ति थे जो आज भी देश और विदेशों के लोगो को अपने महानता की विरासत, आदर्शवाद और महान जीवन की वजह से प्रेरित करते हैं. गाँधी जी का पूरा नाम मोहनदास कर्मचंद गांधी था, प्यार से लोग उन्हें बापू कहते थे.

वे पिता के समान सारे देशवासियों की चिंता करते थे. इसी कारण उनका नाम बापू लोकप्रिय हो गया. उनका जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के काठियावाड़ में पोरबंदर नामक स्थान पर हुआ. बचपन से ही वे अति साधारण बालक थे.

गाँधी जी सत्य के पुजारी थे. उन्होंने सत्य के सच्चे स्वरुप को जीवन में अपनाया. गांधी जी के व्यक्तित्व पर गीता का बड़ा गहरा प्रभाव था. जब उन्होंने समाज जीवन में सब जगह सत्य को हारता हुआ देखा तो उनका ह्रदय दुःख से भर गया.

इसलिए उन्होंने हर असत्य से लड़ने का दृढ निश्चय किया. भारत अग्रेजों का गुलाम बन चूका था, इसलिए भारत में आगमन के बाद गाँधी जी ने ब्रिटिश शासन द्वारा विभिन्न समस्याओं का सामना कर रहे भारतीय लोगों की मदद करना शुरू कर दिया.

पेशे से वकील, गांधी ने ब्रिटिश शासन से भारत की स्वतंत्रता के लिए सफल अभियान का नेतृत्व करने के लिए एक अहिंसक प्रतिरोध को अपनाने के लिए कानून छोड़ दिया।

उन्होंने अंग्रेजों के अन्याय के खिलाफ लड़ने के लिए अहिंसा स्वतंत्रता आन्दोलन शुरू किया. उनके अनुसार ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता की लड़ाई जितने के लिए अहिंसा और सच्चाई ही एक मत्र हथियार है. अंग्रेजों के शोषण को रोकने के लिए गाँधी ने जनता को जगाया.

उन्होंने जनता को त्याग, तपस्या के बल पर हड़ताल, घेराव, सत्याग्रह, आमरण अनशन, असहयोग आन्दोलन जैसे नए शस्त्र दिए. इन शस्त्रों ने कमाल का जादू किया अंग्रेज़ सरकार की रातों की नींद गायब हो गई. गाँधी जी के बताये रास्ते पर सारा समाज उमड़ पड़ा.

गाँधी जी ने गुलाम भारत को आज़ाद कराने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई. एक महान स्वतंत्रता सेनानी के रूप में वह गिराफ्तार हुए और उन्हें कई बार जेल भेजा गया, लेकिन उन्होंने भारतीयों के न्याय के लिए ब्रिटिश शासन के खिलाफ लड़ाई जारी रखा. वह अहिंसा और सभी धर्मों के लोगों की एकता में बहुत विश्वास रखते थे जिसका उन्होंने आजादी के संघर्ष के दौरान पालन किया.

कई भारतीयों के बलिदान के बाद आखिरकार वह भारत को 15 अगस्त 1947 को एक स्वतंत्र देश बनाने में सफल रहे. उनके द्वारा चलाये गए असहयोग आंदोलन, भारत छोडो आंदोलन भारत के इतिहास में अमर रहेंगे.

भारत में और दुनिया भर में महात्मा गाँधी को सादे जीवन, सरलता और समर्पण के साथ जीवन जीने के सर्वोत्तम आदर्श के रूप में सराहा जाता है, उनके सिद्धान्तों को पूरी दुनिया ने अपनाया है, उनका जीवन अपने आप में ही एक प्रेरणा है. इसलिए ही उनके जन्मदिन पर यानि गाँधी जयंती 2 अक्टूबर को राष्ट्रिय अवकाश के रूप में मनाया जाता है.

यह दिन उनके जन्म के साथ-साथ उनके जीवन को मनाने के लिए है जो भारत के साथ-साथ दुनिया भर में कई लोगों के लिए एक मार्गदर्शक का काम करता है.

महात्मा गाँधी चाहते थे की समाज में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को समान दर्जा और अधिकार मिलना चाहिए भले ही उनका लिंग, धर्म, रंग या जाती कुछ भी हो.

उन्होंने लोगों की दशा सुधारने और सार्वभौमिक शिक्षा, महिलाओं के अधिकार, सामुदायिक एकता, गरीबी उन्मूलन, खादी को बढ़ावा देने आदि जैसे क्षेत्रों में सामाजिक न्याय लाने के लिए सत्याग्रह का इस्तेमाल किया.

गाँधी जयंती का क्या महत्व है?

महात्मा गाँधी का मानना था की हथियार और अहिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता है. इसके विपरीत यह समस्याओं को कम करने की जगह और ज्यादा बढ़ा देता है. हिंसा लोगों में नफरत, भय और गुस्सा फ़ैलाने का साधन है.

इस दुनिया को शांति और अहिंसा का पाठ पढ़ाने की दिशा में महात्मा गाँधी जी का योगदान सामानांतर है. उनकी शिक्षा यही है की, सभी प्रकार के संघर्ष का समाधान अहिंसा से किया जाये. महात्मा गांधी का आंदोलन केवल विदेशी उत्पीड़कों से देश की स्वतंत्रता तक सीमित नहीं था, उन्होंने समाज में जाति व्यवस्था, छुआछुत जैसी बुराइयों के खिलाफ भी लड़ाई लड़ी और समाज में समानता और भाईचारे के बारे में जागरूकता पैदा की।

अहिंसा का उनका विचार अभी भी कई मायनों में महत्वपूर्ण है. अहिंसा, ईमानदार और स्वच्छ प्रथाओं के माध्यम से एक नए समाज का निर्माण में विश्वास रखने वाले महात्मा गाँधी की जयंती को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 15 जून 2007 को अंतराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में घोषित किया.

चंपारण से दांडी तक, महात्मा गांधी ने सरल तरीकों से बड़े पैमाने पर आंदोलनों का नेतृत्व किया और अंग्रेजों को इस बात पर आश्चर्य हुआ कि उनके विरोध के अहिंसक तरीकों से कैसे निपटा जाए. यही उनकी अहमिसा की खूबसूरती थी और भारत उनके योगदान के लिए हमेशा ऋणी रहता है.

जिस दिन संसार में किसी प्रकार की हिंसा नहीं होगी और हम हर समस्या को शांतिपूर्वक बिना किसी को कोई नुक्सान पहुचाये तथा बिना रक्त की एक बूंद बहाए हल कर लेंगे तभी हमारे तरफ से महात्मा गाँधी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी.

इस वर्ष भारत में महात्मा गांधी की 151 वीं जयंती मनाया जायेगा और उनके विचारों पर फिर से विचार किया जाएगा और भारतीय जनता के महान नेता द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया जायेगा.

गाँधी जयंती पर शायरी (Shayari on Mahatma Gandhi Jayanti in Hindi)

हर साल की तरह इस साल भी गाँधी जयंती 2020 में 2 अक्टूबर को दिल्ली के राजघाट पर पुरे उल्लास के साथ मनाया जायेगा. अपने परिजनों और दोस्तों को गाँधी जयंती के अवसर पर उनके द्वारा बताये गए आदर्शों का स्मरण करने लिए गाँधी जयंती पर शायरी जरुर भेजें.

महात्मा गांधी जी पर शायरी

सत्य अहिंसा का था वो पुजारी
कभी ना जिसने हिम्मत हारी
सांस दी हमें आजादी की
जन जन जिसका है आभारी
गाँधी जयंती की आप सभी को शुभकामनाएं.

गांधी जयंती शायरी

जिसने देश को आज़ाद कराया
जिसने पुरे भारत को अहिंसा का पाठ पढ़ाया
जिसने भारतीय संस्कृति का महत्व बताया
जिसने विदेशी संस्कृति को दूर कराया,
वही महान पुरुष राष्ट्रपिता महात्मा गांधी कहलाया
आप सभी को गाँधी जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं.

महात्मा गांधी की शायरी

बस जीवन में ये याद रखना,
सच और मेहनत का सदा साथ रखना,
बापू तुम्हारे साथ हैं हर बच्चे के पास हैं,
सच्चाई जहाँ भी है वहां उनका वास है.
महात्मा गाँधी जयंती की शुभकामनाएं.

महात्मा गांधी शेर शायरी

देश के लिए जिसने विलास को ठुकराया था,
त्याग विदेशी धागे उसने खुद ही खाड़ी बनाया था,
पहन के काठ के चप्पल जिसने सत्याग्रह का राग सुनाया था,
वो महापुरुष महात्मा गाँधी कहलाया था.

महात्मा गांधी शायरी इन हिंदी

सच्चाई का लेकर शस्त्र,
और अहिंसा का ले अस्त्र,
तूने अपना देश बचाया,
गोरों को था दूर भगाया,
दुश्मन से प्यार किया,
मानव पर उपकार किया.
गाँधी करते तुझे नमन,
तुझे चढाते प्रेम सुमन.

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास के स्वर्णिम पन्नों पर गाँधी जी का नाम सदैव अंकित रहेगा. वे हमारे देश के ही नहीं अपितु विश्व के महान पुरुषों में से एक थे. मुझे उम्मीद है की आपको इस लेख से “गाँधी जयंती क्यों मनाते हैं और इसका क्या महत्व है?” ये दोनों बातें समझ में आ गयी होंगी. अगर आपको ये लेख अच्छा लगा तो इसे अपने दोस्तों के साथ ज्यादा से ज्यादा शेयर करिए.

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