क्या प्यार करना पाप है?

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ढाई अक्षर का शब्द प्यार भले ही लिखने और देखने में छोटा लगता हो किंतु इससे इसकी गहराई का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता. प्यार करना प्यार पाना प्यार  देना हम इंसानों के जीवन का बहुत महत्वपूर्ण पड़ाव है प्यार हमारी जिंदगी से एक अंग की तरह जुड़ा है.

हर व्यक्ति किसी ना किसी से प्यार करता ही है वह चाहे अपनी माँ से हो, भाई उससे हो, बहन से हो, देश से हो, रिश्तेदारों से हो, जानवरों से हो, प्रकृति से हो पेड़ पौधों से हो, किसी ना किसी से प्रेम  प्यार करना इंसान का स्वभाव है. इस प्रकार की कोई भी इस बात से इंकार नहीं कर सकता कभी प्यार नहीं किया.

प्यार करने वालो का का सुनहरा इतिहास भी लैला मजनू हीर रांझा रोगियों जूलियट ये सब प्यार करके अमर हो गए सैकड़ों वर्ष होने के बावजूद इन्हें याद किया जाता है आदरपूर्वक लोग इनके प्यार की कसमें  खाते हैं.

एक दौर हुआ करता था जब प्यार की कसमें खाई जाती थी लेकिन अब प्यार करने से पहले प्रश्न पूछे जाते हैं. अगर आपको नहीं पता के प्यार कैसे करते हैं तो तो इसे जरुर पढ़ें.

आज का हमारा टॉपिक प्यार शब्द के ऊपर आधारित है. जो सवाल के तौर पर अक्सर पूछा जाता रहा है कि “क्या प्यार करना पाप है “ सही है या गलत. इस प्रश्न के बारे में लोगो की अलग राय हो सकती है लेकिन जो मैं बताने जा रही हूं उसमें विशेष अनुभव शामिल हैं.

आज मैं अपने इस आर्टिकल में बताने जा रही हू क्या प्यार करना वाकई पाप है? खासकर युवावर्ग मैं सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले इस प्रश्न का जवाब मैं अपने इस आर्टिकल में दूंगी, जिसे आपको पढकर इस प्रश्न का जवाब जानेंगे. मैं इसे सरल शब्दों में समझाने की कोशिश करूंगी, इसलिए मेरे साथ कृपया बने रहें.

क्या प्यार करना पाप होता है?

kya pyar karna paap hai

प्यार करना गलत है या सही या तो प्यार करने पर पता चलता है अगर आपने कभी प्यार नहीं किया है तो आपको उनके बारे में पढ़ना चाहिए जिन्होंने एक्चुअली में प्यार किया है. और उस सिचुएशन को प्रैक्टिकली जिया है. क्योंकि यह सवाल हमेशा वह लोग पूछते हैं जो टीनएज युवावस्था के शुरुआती दौर में होते हैं.

और सबसे ज्यादा ये सवाल मन मे दिमाग में आता है इस पर फैसला लेना बहुत मुश्किल हो जाता है किंतु फैसला लेना ही पड़ता है. कभी-कभी जल्दबाजी में हम अपने प्रेमी को जज नहीं कर पाते बाद में हमें धोखा मिलता है.

इसलिए अगर आपका यह सवाल है तो मैं आपसे कहना चाहूंगी कि आप पहले हर पहलू को समझ लीजिए दूसरे की राय लेने से अच्छा है कि आप फैसले को खुद से समझ कर करें इस आर्टिकल में आपके सारे प्रश्नों का जवाब है.

प्यार करना सही है या गलत?

किसी भी  चीज के दो पहलू होते हैं अच्छा बुरा सही गलत फायदा नुकसान हमें दोनों को समझ कर कदम उठाना चाहिए. हमारे भारत की बात करें तो यहां समाज को ज्यादा प्रायरिटी दी जाती है यहां ज्यादा खुशियों का ख्याल नहीं रखते.

यहां हर काम समाज के अनुरूप होता है. प्यार करना भी समाज  के अंतर्गत आता है समाज की विशेष रूप से इसमें नजर रहती ही है. जो बाद में व्यवधान उत्पन्न करते हैं खुद के घर मे चाहे जैसा हो लेकिन हमारे बीच में ज्ञान जरूर देने आएंगे जिससे रिश्ता टूटे इनसे सावधान.

प्यार करने में कोई बुराई नहीं है यदि प्यार सही व्यक्ति से किया गया हो बजाए अजनबी अनजान के आजकल आकर्षण का दौर है.  अक्सर युवा चक्कड़ में फंस जाते है गाड़ी पैसा अमीरी की  चकाचौन्ध फर्जी की फिक्र देर रात फोन पर लगे रहना इसे ही प्यार समझते हैं.असल प्यार का मतलब भूल जाते हैं और कभी-कभी धोखे में भी पड़ जाते है.

प्यार की कहानी अक्षर युवावस्था से शुरू होती है जब हम हाई स्कूल इंटर के दौर में होते हैं तब थोड़ी हमारी समझ इतनी नहीं रती हम प्यार करते हैं समय बिताते हैं घूमते हैं इस दौरान का हम एक दूसरे के गहरे प्यार में पड़ जाते हैं.

हमें खुद को नहीं पता रहता हमें अपना फायदा नुकसान भी नजर नहीं आता जिसके साथ हम प्यार में हैं वह हमारे काबिल भी है या नहीं आंख बंद करके हम विश्वास करते रहते बंद आँखों से किया गया प्यार सही नहीं

प्यार करना क्यों सही है?

प्यार करना हम इंसानों की जरूरत है दो प्रेमी आपस में प्रेम करें इससे अच्छी कोई बात नहीं जीवन में उत्साह प्यार फ्यूल है. ये अगर नहीं हो तो जीवन की गाड़ी को धक्का लगाना पड़ता है.

किसी भी सम्बन्ध को की शुरुआत प्यार करने से ही होती है संबंध जुड़ने के बाद हर इंसान को अपना जीवन साथी अपने हिसाब से चुनने का अधिकार होता है.

क्योंकि जीवन हमें जीना होता है ना कि समाज को जीवन में सुख-दुख हमें झेलने होते है ना कि समाज को  जिससे आप प्यार कर रही हैं. वो आपकी उम्मीद आपके विश्वास को सम्मान को आपकी फिक्र आपके सुख दुःख में साथी के तौर पर परेशानियों जमाने से लड़ने के लिए साथ मे खड़ा है. 

अपनी जान से ज्यादा आपकी परवाह करता है यही तो प्यार होता है इसलिए कोई भी प्यार कर सकता है इसमें कोई बुराई नहीं. 

प्यार करना क्यों गलत है?

हम ऐसे देश मे रह रहे हैं जहाँ सब चीजों पर समाज कुछ बोले या न बोले कि किन्तु प्यार करने वाले मुद्दे पर अपना बिन मांगे ज्ञान जरूर देंगे. इसे विफल करने का भरसक प्रयास करेंगे.

इसलिए प्यार करते समय या किसी से रिलेशनशिप को आगे ले जाने लिए जो इनके नियमों को नहीं मानते हैं, वो प्यार गलत हो ही जाता है आप चाहे जितने सच्चे प्यार में हो अपने साथी के साथ..वो इन्हें दिखायी नहीं पड़ता है.

इसके पीछे का कारण क्या है

मान लीजिये आप जिससे से प्यार कर रही हैं वह सच्चा प्यार ना हुआ वह आपके केवल सुंदरता आपके शरीर से प्यार करता हो और आपके भरोसे प्यार का गलत इस्तेमाल करके आपको धोखा दे दे.

क्योंकि अक्सर होता है जब छोटी उम्र में प्यार होता है तो हमें भी समझ नहीं होती और अक्सर प्यार में गलत प्रेमी द्वारा शारीरिक संबंध बनाने के बाद धोखा मिलता है.

यह सोचे अगर इस चक्कर में आप गर्भधारण हो गया तो आपके परिवार में क्या गुजरेगी आपके माता-पिता भाई-बहन के दुख का अनुमान नहीं लगा सकते बाद में पछतावे के सिवाय कुछ नहीं मिलता.

चलिए ऐसे ही कुछ प्रमुख कारणों पर गौर करते हैं

  • कम उम्र में यानी की पढ़ने लिखने की उम्र में रिलेशनशिप में आना
  • माँ बाप के खिलाफ शादी करने की सोच
  • जाति पात पंथ धर्म मजहब
  • शादी से पहले प्यार में अमर्यादित हो जाना
  • प्यार करने के पीछे शारीरिक भूख की मानसिकता
  • किसी ऐसे आदमी से प्यार करना जिसको आप ठीक से जानती भी नहीं हो,
  • आकर्षण सुविधा अमीरी पैसे की चकाचौन्ध को देख कर साथी चुनना

अक्सर ये सभी कारण आगे चलकर गलत डिसीजन हो जाते हैं. यही कुछ ऐसे कारण है जो की प्यार जैसे एक अच्छे रिश्ते को ग़लत बना डालती है. लोगों या समाज के सामने इसे एक पाप का रूप प्रदान करती है.

क्या प्यार करना चाहिए?

प्यार करना चाहिये ?

एक बात बताइए हम प्यार क्यों करते हैं इसलिए न कि हमारी आगे की जिंदगी में बेहतर हो खुशियां आये. एक सच्चा साथी दोस्त मिले जो जीवन भर साथ निभाये, सुख दुख बांटे, सपने पूरे करने में सहायक बने, न कि आपका फायदा उठाये मतलब खत्म हो जाने पर धोखा दे कर भाग जाए.

प्रेम या प्यार सच्चा हो तो करना कोई बुरी बात नहीं. अपने बड़ों (माता पिता) की बात भी सुननी चाहिए क्योंकि उनको इसका अनुभव है. उन्होंने आपसे पहले ये पड़ाव देखा हुआ है और वो आपको हित की बात बताएंगे. कुछ ऐसा काम जिसमें की सभी की रज़ामंदी हो वो हमेशा ख़ुशियाँ लाता हो. वो चाहे प्यार ही क्यूँ नहीं.

प्यार करने वाले लोगों को क्या समाज से डरना चाहिए?

लोग आएंगे बहुत ज्ञान देंगें किन्तु आपको अच्छा बुरा वास्तव में क्या है इस पर अपना अनुभव ईमानदारी से नहीं बताएंगे. आप दोनों के बीच रिश्ता टूट जाये इसके लिए सारे प्रयास करेंगे. किन्तु कोई आपके प्यार को सही बता कर आपका साथ नहीं देगा.

इसलिए खुद फैसले लीजिए सही गलत आपके पार्टनर को समझने से आएगा वास्तविक स्थिति से, न कि किसी के ओपीनियन से. जब आपको लगे कि में जिससे प्यार कर रही हूँ वो सही में मेरी परवाह करता हैं, मेरी छोटी से छोटी ख़ुशियों का ख़याल रखता है, मेरे सुख में ही नहीं दुःख में भी मेरे साथ खड़ा रहता है, तो जान लें की आपको प्यार ग़लत नहीं. ऐसी साथी का चुनाव तुरंत करें.

आख़िर में आपको ही अपने साथी के साथ जीवन बिताना है, आपके दुःख में कोई समाज आपके साथ नहीं रहने वाला है. इसलिए समाज की काम ध्यान देकर अपने पार्ट्नर की तरफ़ ज़्यादा ध्यान दें.

क्या प्यार करना वाकई पाप है?

देखिए प्यार करना कोई मजाक या बच्चों का खेल नही होता. यदि प्यार करने को आप मजाक बना रहे हो तो जीवन भर आपको धोखे के लिए मानसिक रुप से तैयार होना पड़ेगा. क्योंकि जब तुम इसके प्रति गंभीर होंगे तो अगला आपका मजाक बना देगा. 

प्यार करने का मतलब होता है एक दूसरे का भरोसे वाला साथ ऐसा देखा गया कि कम उम्र में नवयुवा प्यार में पड़ जाते हैं. गलत कदम उठा लेती हैं. जो समाज के लिए खुद के परिवार के लिए झंझट परेशानी बन जाता है. यदि प्यार में सहमति शामिल हो तो वह प्यार पाप नहीं होता है.

ऐसा बिल्कुल नहीं है प्यार करना कभी भी पाप नहीं होता प्यार करना तो पुण्य का काम है. इंसान इंसान से प्यार नहीं करेगा तो दुनिया कैसे आगे बढ़ेगी. 

हाँ प्यार में अमर्यादित होना समय से पहले, प्यार में धोखा देना, प्यार का गलत इस्तेमाल , धोखे में रखना झूठ बोलना, विश्वास तोड़ना, प्यार के पीछे गंदी सोच न हो तो प्यार करना कभी गलत नहीं हो सकता.

अफवाहों के बीच दूसरों की राय आकर्षण से बचें और सच्चा प्यार करें या ढूंढे क्योंकि यह आपके जीवन का सवाल है.

क्या किसी से प्यार करना पाप है?

जी नहीं किसी से प्यार करना पाप नहीं है. लेकिन आपका प्यार सच्चा होना चाहिए, ने की केवल दूसरों को दिखाने वाला. यदि आप दिल से और पूरे मन से किसी से इश्क़ करते हैं जिसमें आपको कुछ पाने की उम्मीद नहीं होती है तब आपका प्यार पाप नहीं कहलाता है.

प्यार करना कोई पाप है क्या?

प्यार करना कोई पाप नहीं है बशर्ते वह वैध रूप से किया जा रहा हो. यदि आप कुछ पाने के लालसा से प्यार करते हैं तब वो पाप बन जाता है. अन्यथा प्यार कभी भी पाप नहीं होता है.

प्यार करना गुनाह है या नहीं?

प्यार करना गुनाह नहीं है. ऐसा इसलिए क्यूँकि प्यार एक मीठा सा एहसास है जो की प्रत्येक जीवित चीज़ के अंदर महजूद होता है. किसी से भी प्यार करना एक स्वाभाविक चीज़ होती है. यदि आपका मन साफ़ हो तो प्यार से पुण्य कुछ नहीं, वहीं अगर आपका मन और उद्देस्य ठीक न हुआ हो इससे बड़ा गुनाह भी कुछ नहीं.

क्या शादी के बाद भी प्यार हो सकता है?

जी शादी के बाद भी प्यार हो सकता है. ऐसा इसलिए क्यूँकि प्यार एक एहसास है, इसपर किसी का ज़ोर नहीं होता है. यदि कोई हमें पसंद आने लगा हो या लगी हो तब जायज़ सी बात है हमें अपने आप ही प्यार हो सकता है. उदाहरण के लिए, बहुत बार देखा गया है की arranged marriage में लड़का लड़के के भीतर प्यार शादी के बाद ही पनपता है. तो इसलिए प्यार की कोई समय सीमा नहीं होती, ये कभी भी शुरू हो सकता है.

क्या किसी से प्यार करना ग़लत बात है?

जी नहीं, किसी से प्यार करना ग़लत बात नहीं है. लेकिन शर्त ये है की आप उनसे सच्चे दिल से प्यार करना चाहिए ने की केवल शारीरिक आकर्षण के. यदि आपके इरादे नेक हैं तब किसी से भी प्यार करना ग़लत नहीं होता है.

एक कोशिश

आज हमनें “क्या प्यार करना पाप है” के बारे में कुछ जाना. मेरी पूरी उम्मीद है की आपको यह लेख आर्टिकल पसंद आया होगी और ज़रूर कुछ सीखने को मिली होगी. अगर ऐसा हुआ है तो इसे अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया पर share करें. कोई भी डाउट या सवाल हो तो आप कॉमेंट के जरिये पूछ सकते हैं.

खुश रहें और खुसियाँ बाँटते रहिये .

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मेरा नाम सबीना है मैं इस ब्लॉग की फाउंडर हूँ. इस ब्लॉग के जरिये आपको बहुत सारे विषय के बारे में जानकारी देना मेरा मकसद है. मुझे नॉलेज शेयर करना बहुत पसंद है. अगर आप मेरे ज़रिए कुछ सिख पाएँगे, तो मुझे बहुत खुशी मिलेगी.

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